CIBIL Score एक ऐसा वित्तीय नंबर होता है जो आपकी क्रेडिट योग्यता को दर्शाता है। यह स्कोर तय करता है कि आप भविष्य में लोन लेने के कितने योग्य हैं। जब आप किसी लोन का पूरा भुगतान नहीं कर पाते हैं और बैंक या NBFC के साथ समझौता करके लोन सेटल करते हैं, तो इसे “Settlement” कहा जाता है। यह प्रक्रिया आपकी CIBIL रिपोर्ट में नेगेटिव रूप से जुड़ जाती है, जिससे आपका स्कोर कम हो जाता है और भविष्य में लोन या CIBIL Score लेना मुश्किल हो सकता है।
लेकिन अच्छी खबर यह है कि Settlement के बाद भी CIBIL Score को दोबारा बेहतर बनाया जा सकता है। इसके लिए आपको कुछ जरूरी आदतों को अपनाना होता है—जैसे कि सभी EMI और बिल समय पर चुकाना, ज्यादा क्रेडिट इस्तेमाल से बचना, पुरानी रिपोर्ट की गलतियों को सुधारवाना, और छोटे लोन लेकर उन्हें समय पर चुकाना। इसके अलावा, सिक्योर CIBIL Score का प्रयोग करके भी आप अपनी क्रेडिट हिस्ट्री मजबूत कर सकते हैं।
स्कोर सुधारने की प्रक्रिया एक या दो महीने की नहीं होती, बल्कि इसमें निरंतरता और अनुशासन चाहिए। अगर आप 6 से 12 महीनों तक सही फाइनेंशियल प्लानिंग के साथ आगे बढ़ते हैं, तो आपका CIBIL Score जरूर सुधरता है।
आज के समय में अगर आपको लोन लेना है, CIBIL Score चाहिए या किसी भी तरह की फाइनेंशियल मदद की ज़रूरत है, तो बैंक और वित्तीय संस्थान सबसे पहले आपका CIBIL Score चेक करते हैं। ये स्कोर आपके पुराने लोन या CIBIL Score की रीपेमेंट हिस्ट्री पर आधारित होता है। अगर आपने समय पर अपने लोन की किश्तें चुकाई हैं तो आपका स्कोर अच्छा होता है, लेकिन अगर आपने किसी लोन को “सेटेलमेंट” कर लिया है, तो ये आपके CIBIL Score पर बुरा असर डाल सकता है।
Settlement का मतलब होता है – जब आप बैंक से यह रिक्वेस्ट करते हैं कि आप पूरा लोन नहीं चुका सकते हैं, इसलिए कुछ हिस्सा देकर लोन को बंद कर दिया जाए। बैंक इस पर सहमत हो सकता है और आपके लोन को “settled” स्टेटस में डाल देता है। इससे भले ही आपकी EMI का बोझ कम हो जाता है, लेकिन आपकी क्रेडिट हिस्ट्री पर एक नकारात्मक छवि बनती है।
CIBIL Score को सुधारना संभव है, लेकिन इसके लिए थोड़ा धैर्य, सही रणनीति और नियमित अनुशासन की ज़रूरत होती है। आपको अपने फाइनेंशियल व्यवहार में पारदर्शिता लानी होगी, छोटे-छोटे कदमों से शुरुआत करनी होगी और यह समझना होगा कि कैसे हर एक कदम CIBIL Score को बेहतर बना सकता है। चाहे वो Credit Card का सही इस्तेमाल हो, समय पर बिल भरना हो या किसी पुरानी गलती को सुधारने के लिए बैंक से बातचीत – सब कुछ इस प्रक्रिया का हिस्सा होता है।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि Settlement के बाद CIBIL Score को बेहतर करने के 10 आसान और असरदार तरीके कौन से हैं। हम आपको बताएंगे कि कैसे आप अपनी क्रेडिट रिपोर्ट को चेक करें, उसमें गलती पाए तो सुधार करवाएं, नया क्रेडिट responsibly लें और धीरे-धीरे अपने स्कोर को फिर से ऊँचाई पर ले जाएं।
CIBIL Score एक तीन अंकों का नंबर होता है जो यह बताता है कि आपने पहले लोन या CIBIL Score का इस्तेमाल कैसे किया है। इसे हम आपके क्रेडिट बिहेवियर का रिपोर्ट कार्ड भी कह सकते हैं। यह स्कोर 300 से लेकर 900 के बीच होता है, और जितना ज्यादा स्कोर होगा, उतना ही अच्छा माना जाता है।
अगर आपका स्कोर 750 या उससे ज्यादा है, तो बैंक मानता है कि आप जिम्मेदारी से पैसे चुकाते हैं और आपको आसानी से लोन या CIBIL Score मिल सकता है। लेकिन अगर स्कोर 600 से कम है, तो बैंक को शक होता है कि आपने पहले ठीक से लोन नहीं चुकाया है, और वे आपको लोन देने में हिचकिचाते हैं।
यह स्कोर बनता है आपकी क्रेडिट रिपोर्ट के आधार पर, जिसमें ये देखा जाता है कि आपने कब-कब लोन लिया, कितना लिया, समय पर EMI दी या नहीं, आपके पास कितने एक्टिव CIBIL Score हैं और आपने उनका इस्तेमाल कैसे किया।
Loan Settlement एक ऐसी वित्तीय प्रक्रिया होती हैं जिसमे आप एकमुश्त भुगतान करके अपने लोन पर बकया राशि का एक हिस्सा माफ़ करने के लिए अपने लेनदार से बातचीत करते हैं। यह एक ऐसा समझौता होता हैं जिसे आप अपने कार्ड जारीकर्ता के साथ अंतिम उपायें के रूप में तब करते हैं जब आप देखते हैं की आपके लोन पर कर्ज बढ़ता जा रहा हैं।
ऐसा फ़िज़ूल के खर्च से लेकर लापरवाही से खर्च करने की आदतों तक कई कारणों से हो सकता हैं। जब आपका कर्ज बढ़ता है तो उसपर ब्याज भी बढ़ता हैं जिससे आपको बकाया राशि चुकाने में मुश्किल हो सकती हैं। अगर आपको इससे बहार निकलने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा हैं तो आप Loan Settlement की सिफारिश कर सकते हैं।
आइए जानते हैं कि Loan Settlement के लिए कौन-कौन से दस्तावेज देने होते हैं:
1. पहचान पत्र (ID Proof)
2. पता प्रमाण (Address Proof)
3. आय प्रमाण (Income Proof) – (जरूरत पड़ने पर)
4. लोन स्टेटमेंट
आपको अपने बकाया (outstanding) की सही जानकारी देने के लिए लोन का स्टेटमेंट देना होगा। यह स्टेटमेंट बैंक खुद भी निकाल सकता है, लेकिन कई बार वे आपसे इसकी कॉपी मांगते हैं।
5. सेटलमेंट अनुरोध पत्र (Settlement Request Letter)
अगर आप खुद से बैंक सेटलमेंट के लिए अप्रोच कर रहे हैं, तो आपको एक लिखित अनुरोध पत्र (Settlement Request Letter) देना होगा, जिसमें आप यह बता सकते हैं कि:
6. बैंक द्वारा दिया गया सेटलमेंट ऑफर लेटर
जब बैंक सेटलमेंट के लिए सहमत हो जाता है, तो वे आपको एक Settlement Offer Letter देते हैं। इसे ध्यान से पढ़ें और उसमें दी गई राशि और शर्तों की पुष्टि करें।
नीचे कुछ कदम दिए गए हैं, जो Loan Settlement से पहले अपनाने चाहिए:
नीचे कुछ सामान्य कारण दिए गए हैं:
अगर आप अपने लोन का बकाया चुकाने में असमर्थ हैं और भारी ब्याज दरों से परेशान हैं, तो Loan Settlement एक संभावित समाधान हो सकता है। इस प्रक्रिया के तहत, बैंक या लोन कंपनी आपकी कुल बकाया राशि का कुछ हिस्सा माफ कर सकती है और आपको एकमुश्त भुगतान (One-time Settlement) करने का विकल्प देती है। हालांकि, यह आपके CIBIL Score को प्रभावित कर सकता है, इसलिए इसे अंतिम विकल्प के रूप में ही अपनाएं।
सेटलमेंट का क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसका असर निम्नलिखित तरीकों से देखा जा सकता है:
जब आप किसी लोन या CIBIL Score का settlement करते हैं, यानी पूरा पैसा चुकाने की बजाय बैंक से समझौता करके थोड़ा सा हिस्सा देकर लोन बंद कराते हैं, तो इससे आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में “settled” स्टेटस जुड़ जाता है। यह बैंक को दिखाता है कि आपने पूरा पैसा नहीं चुकाया, जिससे CIBIL Score गिर जाता है।
लेकिन घबराइए नहीं – आप इस स्कोर को फिर से सुधार सकते हैं। नीचे दिए गए आसान तरीकों से आप धीरे-धीरे अपने CIBIL Score को फिर से बेहतर बना सकते हैं:
1. अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करें
सबसे पहले आप अपनी CIBIL Report देखें। उसमें यह चेक करें कि Settlement की जानकारी सही से दर्ज है या नहीं। अगर कोई गलती है, तो तुरंत CIBIL को शिकायत दर्ज करें और सुधार करवाएं।
2. Settlement को “Closed” में बदलवाएं
अगर आप settlement के बाद थोड़ा और भुगतान कर सकते हैं, तो बैंक से बात करें और बची हुई रकम चुकाकर अपना स्टेटस “Settled” से “Closed” करवा लें। इससे आपके स्कोर पर बहुत अच्छा असर पड़ेगा।
3. नया छोटा लोन लें और समय पर चुकाएं
अगर आपकी स्थिति सुधरी है, तो किसी बैंक या NBFC से एक छोटा पर्सनल लोन लें और उसे समय से चुकाएं। इससे आपके CIBIL Score में सुधार दिखेगा क्योंकि यह बैंक को दिखाता है कि अब आप भरोसेमंद हैं।
4. Credit Card का सही इस्तेमाल करें
अगर आपको कोई secured credit card (FD के बदले मिलने वाला कार्ड) मिल सकता है, तो उसे लें। समय पर उसका बिल भरें और लिमिट से ज्यादा खर्च न करें। यह आपकी क्रेडिट हिस्ट्री को बेहतर बनाएगा।
5. पुराने बकाया को चुकाएं
अगर आपकी रिपोर्ट में कोई और बकाया (Outstanding) दिख रहा है, तो उसे जल्दी से चुका दें। इससे आपकी साख (credibility) मजबूत होती है।
अगर आप लोन लेना चाहते हैं या CIBIL Score अप्लाई करने की सोच रहे हैं, तो सबसे पहले बैंक और फाइनेंशियल संस्थाएं आपका CIBIL Score देखती हैं। अगर स्कोर अच्छा है, तो लोन भी आसानी से मिलता है और ब्याज दरें भी कम होती हैं। लेकिन अगर स्कोर कम है, तो लोन रिजेक्ट हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि आप अपना CIBIL Score सुधारें।
तो चलिए जानते हैं – CIBIL Score को Improve करने के बेस्ट और असरदार तरीके:
1. समय पर EMI और CIBIL Score के बिल को चुकाएं
आपका CIBIL Score सबसे ज्यादा इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपनी EMI और कार्ड बिल समय से चुकाते हैं या नहीं। एक भी लेट पेमेंट स्कोर को गिरा सकता है। इसलिए समय पर भुगतान करना सबसे ज़रूरी है।
2. CIBIL Score की लिमिट का कम इस्तेमाल करें
आपको जितनी क्रेडिट लिमिट मिली है, उसका ज्यादा इस्तेमाल करना CIBIL को दिखाता है कि आप ज्यादा डिपेंडेंट हैं। कोशिश करें कि लिमिट का 30% से कम ही इस्तेमाल करें।
3. एक से ज्यादा लोन/कार्ड के लिए एक साथ आवेदन न करें
अगर आप बार-बार लोन या CIBIL Score के लिए अप्लाई करते हैं, तो इससे कई “hard inquiries” होती हैं, जो स्कोर को नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए सोच-समझकर ही अप्लाई करें।
4. पुरानी क्रेडिट हिस्ट्री को बनाए रखें
पुराना CIBIL Score या लोन अकाउंट जो एक्टिव है और आप समय से उसका भुगतान करते हैं, उसे बंद न करें। यह आपकी credit age को बढ़ाता है, जो स्कोर के लिए अच्छा है।
5. अपनी क्रेडिट रिपोर्ट नियमित जांचें
हो सकता है आपकी रिपोर्ट में कोई गलती हो, जैसे कोई पुराना लोन अभी भी “बकाया” दिख रहा हो। ऐसी गलतियों को पहचानकर CIBIL में शिकायत दर्ज करें और सुधार करवाएं।
आइए जानते हैं कि Loan Settlement करने के क्या फायदे होते है:
आइए विस्तार से जानते हैं कि Loan Settlement करने के क्या नुकसान होते हैं।
CIBIL Score आपकी वित्तीय स्थिति का आईना होता है। यह स्कोर यह बताता है कि आपने अब तक कितनी जिम्मेदारी से लोन और CIBIL Score का भुगतान किया है। अगर किसी कारणवश आपका स्कोर गिर गया है—जैसे लोन का सेटलमेंट, लेट पेमेंट, या ज्यादा क्रेडिट यूज़—तो घबराने की ज़रूरत नहीं है। स्कोर को फिर से बेहतर बनाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए समय, धैर्य और अनुशासन जरूरी है।
अगर आप समय पर EMI और CIBIL Score बिल भरना शुरू कर दें, कम से कम क्रेडिट लिमिट का ही इस्तेमाल करें, और बार-बार लोन अप्लाई करने से बचें, तो धीरे-धीरे आपका स्कोर फिर से सुधर सकता है। साथ ही, अगर आपकी रिपोर्ट में कोई गलती है तो उसे सही करवाना भी ज़रूरी है। कुछ लोग सिक्योर CIBIL Score का इस्तेमाल करके भी अपना स्कोर बेहतर करते हैं।
ध्यान देने वाली बात ये है कि स्कोर एक दिन में नहीं सुधरता, इसके लिए 6 से 12 महीने तक निरंतर प्रयास करने की जरूरत होती है। अच्छा CIBIL Score सिर्फ लोन या CIBIL Score के लिए ही नहीं, बल्कि आपके भविष्य की आर्थिक योजनाओं के लिए भी बेहद ज़रूरी होता है। इसलिए, फाइनेंशियल अनुशासन को अपनाकर आप अपने स्कोर को बेहतर बना सकते हैं और आर्थिक रूप से एक मजबूत और भरोसेमंद व्यक्ति बन सकते हैं।
Que: Settlement करने के बाद CIBIL Score क्यों गिर जाता है?
Ans: जब आप लोन को “settled” करते हैं, तो बैंक इसे पूरा भुगतान न मानते हुए आंशिक भुगतान मानता है। यह आपके क्रेडिट व्यवहार को कमजोर दिखाता है, जिससे आपका CIBIL Score गिर जाता है।
Que: क्या Settlement करने के बाद CIBIL Score सुधर सकता है?
Ans: हां, अगर आप भविष्य में समय पर EMI और बिलों का भुगतान करते हैं, क्रेडिट लिमिट का सही इस्तेमाल करते हैं और नई क्रेडिट आदतें अपनाते हैं, तो स्कोर धीरे-धीरे सुधर सकता है।
Que: Settlement और Full Payment में क्या फर्क होता है?
Ans: Full Payment का मतलब है कि आपने पूरा लोन या बकाया चुका दिया है, जबकि Settlement का मतलब है कि आपने कुछ राशि बैंक के साथ समझौते के तहत चुकाई है, जो पूरा भुगतान नहीं माना जाता हैं।
Que: क्या CIBIL रिपोर्ट से Settlement को हटाया जा सकता है?
Ans: Settlement एक बार रिपोर्ट में जुड़ जाने के बाद 7 साल तक बनी रहती है। हालांकि आप बैंक से “Closed” स्टेटस में बदलवाने का प्रयास कर सकते हैं, लेकिन यह बैंक की नीति पर निर्भर करता है।
Que: Settlement के बाद स्कोर ठीक होने में कितना समय लगता है?
Ans: अगर आप लगातार 6 से 12 महीने तक अच्छा फाइनेंशियल व्यवहार दिखाते हैं, तो स्कोर धीरे-धीरे सुधर सकता है। लेकिन इसमें लगने वाला समय व्यक्ति की रिपोर्ट पर निर्भर करता है।
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