TRAI (Telecom Regulatory Authority of India) का नया नियम (TRAI’s new rule comes into effect) आज, 10 दिसंबर से लागू हो गया है। यह नियम देश के 1 करोड़ से ज्यादा मोबाइल ग्राहक के लिए बहुत अहम है। TRAI ने यह नियम SMS और मैसेजिंग सेवाओं में बढ़ती धोखाधड़ी को रोकने के उद्देश्य से लागू किया है।
यह नया नियम पहले 1 नवंबर को लागू किया जाना था, लेकिन टेलीकॉम ऑपरेटर्स की तैयारियों और उनके अनुरोध के चलते इसे 10 दिसंबर तक टाल दिया गया। अब, यह नियम प्रभावी हो गया है और इससे उम्मीद है कि मोबाइल ग्राहक को फर्जी मैसेज और अनचाही कॉल्स से काफी राहत मिलेगी।
इस नियम का मुख्य उद्देश्य है, “OTP ट्रेसबिलिटी”। मतलब यह है कि किसी भी बिजनेस मैसेज या OTP का स्रोत ट्रेस करना अब आसान हो जाएगा। इस तकनीक से फर्जी मैसेज नेटवर्क स्तर पर ही रोक दिए जाएंगे, और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वे ग्राहक के फोन तक न पहुंचें।
अगर कोई स्कैमर या धोखेबाज संदेश भेजने की कोशिश करेगा, तो नेटवर्क पर उसकी पहचान हो सकेगी। इसके साथ ही, टेलीकॉम कंपनियां हर संदेश के पूरी रास्ते की जानकारी रखेंगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी अनजान मैसेज को पहले ही रोक दिया जाए।
TRAI पहले ही “अनचाही संचार” (Unsolicited Communication) को रोकने के लिए कई नियम लागू कर चुका है। लेकिन अब, इन नियमों को और भी सख्त बना दिया गया है।
किसी भी अप्रमाणित (Unverified) स्रोत से आए संदेश, विशेष रूप से वह जो संदिग्ध लिंक के साथ आते हैं, अब नेटवर्क स्तर पर ही ब्लॉक कर दिए जाएंगे।
अज्ञात नंबरों से आने वाले बिजनेस कॉल्स भी नए सिस्टम द्वारा रोके जाएंगे। यह उन ग्राहक के लिए राहत की बात है जो इन कॉल्स से परेशान रहते हैं।
भारत में ऑनलाइन फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़े हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह वृद्धि 3,000% तक दर्ज की गई है। नए नियम इन धोखाधड़ी को कम करने में मदद करेंगे।
नया नियम लागू होने से SMS और मैसेजिंग सेवाओं की सुरक्षा में बड़ा बदलाव आएगा।
अब कोई भी धोखेबाज मैसेज आसानी से पकड़ा जा सकेगा। इससे ग्राहक को फर्जी OTP या अनजान लिंक वाले मैसेज का शिकार होने से बचाया जा सकेगा।
जिन व्यवसायों द्वारा नियमित रूप से OTP या प्रमोशनल मैसेज भेजे जाते हैं, उन्हें अब अपने संदेशों की पूरी जानकारी रखनी होगी। इससे ग्राहक को भरोसेमंद सेवाएं मिलेंगी।
केवल वे ही बिजनेस कॉल्स और मैसेज डिलीवर किए जाएंगे, जो पूरी तरह वैध और प्रामाणिक होंगे।
यह सवाल कई ग्राहक के मन में है। लेकिन TRAI ने स्पष्ट किया है कि इस नए नियम से OTP या अन्य आवश्यक संदेशों की डिलीवरी में कोई देरी नहीं होगी।
क्या कहती है रिपोर्ट:
TRAI ने यह भी बताया कि टेलीकॉम ऑपरेटर्स ने इन बदलावों के लिए कुछ तकनीकी तैयारी की जरूरत बताई थी, लेकिन अब उनके सिस्टम अपडेट हो चुके हैं। इसलिए ग्राहक को घबराने की जरूरत नहीं है।
नया सिस्टम ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित है। इस तकनीक का इस्तेमाल यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा कि:
भारत में ऑनलाइन फ्रॉड के मामले दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। खासकर महामारी के बाद, जब डिजिटल लेनदेन में तेजी आई है, तो फर्जी OTP और संदिग्ध लिंक वाले मैसेज भेजने के मामले भी तेजी से बढ़े हैं।
नए नियमों के लागू होने के बावजूद, ग्राहक को अपनी ओर से भी सावधानी बरतनी चाहिए।
TRAI (Telecom Regulatory Authority of India) ने भारत में दूरसंचार क्षेत्र को आगे करने के लिए समय-समय पर कई नियम बनाए हैं। यह नियम टेलीकॉम सेवाओं की गुणवत्ता, उपभोक्ता संरक्षण और उचित कॉम्पिटेटिव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाए जाते हैं।
क्योंकि TRAI नियमों में समय-समय पर बदलाव होते रहते हैं, इसलिए किसी खास “पुराने नियम” का उल्लेख करना मुश्किल है। हालांकि, हम कुछ प्रमुख क्षेत्रों में हुए बदलावों पर चर्चा कर सकते हैं:
TRAI (Telecom Regulatory Authority of India) लगातार टेलीकॉम क्षेत्र में बदलावों के अनुसार अपने नियमों को अपडेट करती रहती है। इससे टेलीकॉम सेवाएं ज्यादा किफायती, विश्वसनीय और ग्राहकों के अनुकूल बनती हैं।
पुराने और नए नियमों में मुख्य अंतर निम्नलिखित हैं:
| पुराने नियम | नए नियम |
| पहले, बाजार में कम खिलाड़ी थे और कॉम्पिटेटिव सीमित थी। | अब, बाजार में कई खिलाड़ी हैं जिससे ग्राहकों को ज्यादा विकल्प मिलते हैं और कीमतें कम होती हैं। |
| पहले, उपभोक्ता संरक्षण के नियम कम सख्त थे। | अब, ग्राहकों के ज्यादाारों को मजबूत किया गया है। शिकायत निवारण प्रक्रिया को आसान बनाया गया है और पोर्टेबिलिटी की सुविधा उपलब्ध है। |
| पहले, डिजिटल सेवाओं पर ध्यान कम दिया जाता था। | अब, डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। इंटरनेट सेवाएं सस्ती और तेज़ हो रही हैं। |
| पहले, टेक्नोलॉजी के विकास के साथ नियमों को अपडेट करने में समय लगता था। | अब, टेक्नोलॉजी के विकास के साथ नियमों को तुरंत अपडेट किया जाता है। जैसे 5G सेवाओं के लिए नए नियम बनाए गए हैं। |
| पहले, लाइसेंसिंग प्रक्रिया जटिल थी और स्पेक्ट्रम बंटवारा में ट्रांसप्रेंसी कम थी। | अब, लाइसेंसिंग प्रक्रिया सरल बनाई गई है और स्पेक्ट्रम आवंटन में ट्रांसप्रेंसी बढ़ाई गई है। |
| पहले, सेवा की क्वालिटी के मानक कम थे। | अब, सेवा की कुलाइटी के मानक बढ़ाए गए हैं। कॉल ड्रॉप, इंटरनेट स्पीड आदि पर सख्त नियम हैं। |
TRAI का नया नियम देशभर में SMS और मैसेजिंग सेवाओं को ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में एक जरुरी कदम है। यह न केवल फर्जी मैसेज और धोखाधड़ी को रोकेगा, बल्कि ग्राहक को डिजिटल दुनिया में ज्यादा सुरक्षा और भरोसा भी प्रदान करेगा।
आने वाले समय में, यह सिस्टम और ज्यादा प्रभावी होगा और मोबाइल ग्राहक के अनुभव को बेहतर बनाएगा। इसलिए, अगर आप Jio, Airtel, VI, या BSNL के ग्राहक हैं, तो इस नए नियम का फायदा उठाएं और सतर्क रहें।
Que: TRAI का नया नियम कब से लागू हुआ है?
Ans: यह नया नियम 10 दिसंबर 2024 से प्रभावी हो गया है।
Que: TRAI के इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
Ans: इसका उद्देश्य टेलीकॉम नेटवर्क पर धोखाधड़ी वाले मैसेज और कॉल को रोकना है। इससे ग्राहक के फोन तक फर्जी संदेश पहुंचने से पहले ही ब्लॉक किए जा सकते हैं।
Que: क्या यह नियम सभी टेलीकॉम कंपनियों पर लागू होगा?
Ans: हां, यह नियम Jio, Airtel, VI और BSNL सहित सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों पर लागू होता है।
Que: क्या OTP प्राप्त करने में देरी होगी?
Ans: TRAI ने स्पष्ट किया है कि OTP जैसे ट्रांजैक्शनल मैसेज की डिलीवरी में कोई देरी नहीं होगी। ज्यादातर संदेश समय पर डिलीवर हो रहे हैं।
Que: क्या इस नियम से सभी फर्जी मैसेज रोके जा सकेंगे?
Ans: नए नियम फर्जी मैसेज और कॉल को पहचानने और उन्हें ब्लॉक करने में काफी हद तक प्रभावी होंगे। हालांकि, इसके लिए टेलीकॉम कंपनियों को तकनीकी व्यवस्था को मजबूत बनाना होगा।
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