Personal Loan Settlement एक ऐसी प्रक्रिया होती है जिसमें उधारकर्ता (Borrower) और बैंक के बीच बातचीत होती है ताकि लोन की बकाया राशि का कुछ हिस्सा चुकाकर लोन को बंद किया जा सके। यह तब किया जाता है जब कोई व्यक्ति अपनी EMI समय पर नहीं चुका पाता हैं और लोन NPA (Non-Performing Asset) बन जाता है। हालांकि, लोन सेटलमेंट करने से CIBIL स्कोर प्रभावित हो सकता है, इसलिए इसे अंतिम विकल्प के रूप में ही अपनाना चाहिए।
अगर आप बैंक से सफलतापूर्वक लोन सेटलमेंट करना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपनी आर्थिक स्थिति का सही जांच करें और यह तय करें कि आप कितनी राशि चुकाने में सक्षम हैं। बैंक से खुद संपर्क करें, पेशेवर तरीके से बातचीत करें और जो भी सेटलमेंट ऑफर मिले, उस पर मोलभाव (Negotiation) करें। पहले ऑफर को तुरंत स्वीकार न करें, बल्कि बेहतर डील पाने की कोशिश करें।
बैंक सेटलमेंट को मंजूरी देने के बाद सुनिश्चित करें कि आप लिखित रूप में सेटलमेंट लेटर और नो ड्यू सर्टिफिकेट (NOC) प्राप्त करें। इससे भविष्य में कोई कानूनी या वित्तीय समस्या नहीं होगी। इसके अलावा, अगर बैंक सेटलमेंट के बजाय लोन रीपेमेंट प्लान या मोरेटोरियम का विकल्प देता है, तो उसे भी विचार करें ताकि आपका CIBIL स्कोर ज्यादा प्रभावित न हो।
आजकल कई लोग पर्सनल लोन लेते हैं, लेकिन कभी-कभी आर्थिक स्थिति बिगड़ने के कारण समय पर लोन को चुकाना उनके लिए मुश्किल हो जाता है। ऐसे में बैंक से लोन सेटलमेंट (Loan Settlement) की बातचीत करना एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। लेकिन इसके लिए सही तरीका अपनाना बहुत जरूरी होता है, ताकि आप कम से कम रकम चुकाकर लोन क्लियर कर सकें और आपका क्रेडिट स्कोर भी ज्यादा प्रभावित न हो।
अगर आप बिना सही रणनीति के बैंक से नेगोशिएशन (Negotiation) करने जाएंगे, तो बैंक आपकी बात मानने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाएगा। इसलिए यह जरूरी है कि आप पहले अपनी आर्थिक स्थिति की सही से जांच करें और बैंक से बातचीत करने की पूरी तैयारी करें।
जब कोई व्यक्ति लोन की EMI नहीं चुका पाता और बैंक को लगता है कि लोन रिकवरी मुश्किल होगी, तो बैंक लोन सेटलमेंट का ऑफर देता है। इसमें उधारकर्ता (Borrower) को बकाया राशि का कुछ प्रतिशत एकमुश्त भुगतान करने पर लोन क्लोज करने की सुविधा मिलती है। हालांकि, यह प्रक्रिया आपके CIBIL स्कोर को प्रभावित कर सकती है, इसलिए इसे अंतिम विकल्प के रूप में ही अपनाएं।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि Personal Loan Settlement के दौरान बैंक से बातचीत करने का सही तरीका क्या है और किन महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान देकर आप बैंक से बेहतर नेगोशिएशन कर सकते हैं। हम आपको उन प्रमुख बिंदुओं की जानकारी देंगे जो बैंक से बातचीत के दौरान आपकी मदद कर सकते हैं, जैसे – सेटलमेंट के लिए सही समय, बातचीत की रणनीति, जरूरी दस्तावेज, बैंक की संभावित शर्तें और सेटलमेंट के बाद के प्रभाव।
यह एक ऐसी वित्तीय प्रक्रिया होती है जिसमें बैंक या वित्तीय संस्था लोन लेने वाले व्यक्ति को पूरी बकाया लोन की राशि को चुकाने के बजाय कम राशि देकर लोन निपटाने का मौका देती है। यह सुविधा उन लोगों के लिए होती है जो किसी कारण से अपना लोन समय पर नहीं चुका पाते हैं और लगातार डिफॉल्ट कर रहे होते हैं।
सेटलमेंट के तहत बैंक एकमुश्त राशि (लंपसम अमाउंट) पर सहमति बना सकता है, जिससे लोन बंद हो जाता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि लोन सेटलमेंट करने से आपका CIBIL स्कोर प्रभावित हो सकता है, जिससे भविष्य में आपको लोन लेने में मुश्किल हो सकती है। इसलिए, इसे अंतिम विकल्प के रूप में ही अपनाना चाहिए।
Personal Loan Settlement कंपनियाँ आपके लिए क्रेडिट कार्ड, मेडिकल बिल या व्यक्तिगत लोन जैसे असुरक्षित लोन पर बकाया राशि को कम करने के लिए लेनदारों के साथ बातचीत करती हैं। Personal Loan Settlement सिर्फ सुरक्षित लोन के लिए एक विकल्प नहीं है, जैसे कि बंधक या ऑटो लोन।
यह प्रस्ताव केवल तभी बैंको को लुभाते हैं, जब उन्हें ऐसा लगता है, कि आप बिल्कुल भी लोन का भुगतान नहीं करेंगे, इसलिए एक Personal Loan Settlement कंपनी आपको सलाह देगी, कि आप अपने लोनो पर तुरंत भुगतान करना बंद कर दें और इसके बजाय एक एस्क्रो खाता खोलें और उसमें अपने मासिक भुगतान को डालें। एक बार जब आपके पास Personal Loan Settlement के लिए एकमुश्त भुगतान के लिए पर्याप्त पैसा जमा हो जाता है, तो तब तक Personal Loan Settlement कंपनी लेन-देन की सुविधा प्रदान करती है।
अगर आप किसी कारणवश अपने पर्सनल लोन का पूरा भुगतान नहीं कर पा रहे हैं, तो लोन सेटलमेंट एक विकल्प हो सकता है। इसमें बैंक या लोन देने वाली संस्था (NBFC) आपके बकाया लोन पर कुछ छूट देकर एक निश्चित राशि में समझौता कर लेती है। लेकिन इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आपको कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं।
यह वह दस्तावेज होता है, जो बैंक या NBFC द्वारा लोन देने के समय जारी किया गया था। इसमें लोन की शर्तें और आपकी बकाया राशि का विवरण होता है।
लोन सेटलमेंट के दौरान बैंक आपके CIBIL स्कोर की जांच करता है, जिससे उन्हें आपकी क्रेडिट हिस्ट्री के बारे में जानकारी मिलती है। यह रिपोर्ट आपके क्रेडिट व्यवहार और मौजूदा लोन की स्थिति को दर्शाती है।
अगर आप लोन सेटलमेंट करवाना चाहते हैं, तो आपको बैंक को एक लिखित अनुरोध पत्र देना होगा, जिसमें आप अपनी मौजूदा आर्थिक स्थिति और सेटलमेंट की आवश्यकता के बारे में बताएंगे।
हालांकि, Personal Loan Settlement और Credit Card Personal Loan Settlement दोनों का उद्देश्य कर्जदार को राहत देना होता है, लेकिन इनमें कुछ महत्वपूर्ण अंतर भी होते हैं।
| अंतर के बिंदु | Personal Loan Settlement |
Credit Card Personal Loan Settlement |
| प्रकार | किसी भी प्रकार के लोन (पर्सनल, होम, कार, एजुकेशन, आदि) का निपटारा |
केवल क्रेडिट कार्ड के बकाया राशि का निपटारा |
| सेटलमेंट प्रक्रिया | बैंक एकमुश्त राशि को तय करता है, जिसे चुकाने पर लोन सेटल हो जाता है। |
क्रेडिट कार्ड कंपनी एक तय की गई राशि पर समझौता करती है। |
| CIBIL स्कोर पर प्रभाव | CIBIL स्कोर 50-100 पॉइंट तक गिर सकता है और भविष्य में लोन लेना मुश्किल हो सकता है |
CIBIL स्कोर पर ज्यादा प्रभाव पड़ता है, और नए क्रेडिट कार्ड पाना मुश्किल हो सकता है। |
| भविष्य में लोन मिलने की संभावना | होम लोन, कार लोन या अन्य लोन प्राप्त करने में समस्या आ सकती है |
क्रेडिट कार्ड कंपनियां कार्ड जारी करने से इनकार कर सकती हैं। |
| ब्लैकलिस्ट होने की संभावना | कम |
खासकर क्रेडिट कार्ड कंपनियों द्वारा |
अगर आपको Personal Loan Settlement का विकल्प अच्छा न लगे, तो आप कुछ अन्य विकल्पों पर भी विचार कर सकता है, जैसे:
इसका असर निम्नलिखित तरीकों से देखा जा सकता है:
इसके निम्नलिखित फायदे और नुकसान हैं:
अगर आप सोच रहे हैं कि बैंक से बातचीत कैसे करें और लोन सेटलमेंट का बेस्ट ऑफर कैसे प्राप्त करें, तो यहां हम आपको स्टेप-बाय-स्टेप पूरी प्रक्रिया समझाएंगे।
बैंक से संपर्क करने से पहले अपनी मौजूदा आर्थिक स्थिति (Financial Condition) को समझना जरूरी है। आपको यह पता होना चाहिए कि –
बैंक सेटलमेंट के तहत आमतौर पर लोन की कुल बकाया राशि का एक कुछ प्रतिशत (30%-70%) लेने के लिए तैयार हो सकता है, लेकिन यह आपकी बातचीत की क्षमता पर निर्भर करता है।
लोन सेटलमेंट कराने से आपका CIBIL स्कोर कम हो सकता है, क्योंकि बैंक इसे “सेटल्ड” कैटेगरी में डाल सकता है, जो भविष्य में लोन लेने में दिक्कतें पैदा कर सकता है।
अगर आप क्रेडिट स्कोर को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते, तो बैंक से लोन रीपेमेंट प्लान या लोन री-स्ट्रक्चरिंग पर भी बातचीत कर सकते हैं।
अगर आप इसे ऑनलाइन अप्लाई करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करें:
Personal Loan Settlement करना कोई आसान काम नहीं होता हैं, क्योंकि बैंक अपने लोन की पूरी राशि वसूलने की कोशिश करता है, जबकि ग्राहक कम से कम भुगतान कर इसे निपटाना चाहता है। ऐसे में सही रणनीति और समझदारी से बातचीत करना बहुत जरूरी हो जाता है। अगर आप बिना प्लानिंग के बैंक से बातचीत करेंगे, तो बैंक आपकी स्थिति का फायदा उठा सकता है और आपको ज्यादा भुगतान करने के लिए बाध्य कर सकता है।
बैंक से बातचीत करते समय धैर्य और पेशेवर रवैया अपनाएं। बैंक को अपनी समस्या के बारे में सही से बताएं और इस बात पर जोर दें कि आप लोन पूरी तरह चुकाने की स्थिति में नहीं हैं। बैंक आमतौर पर लोन की कुछ राशि माफ करने के लिए तैयार हो सकता है, लेकिन यह पूरी तरह आपकी बातचीत की क्षमता और बैंक की नीति पर निर्भर करता है।
इसके अलावा, सेटलमेंट के दौरान लिखित दस्तावेज प्राप्त करना बहुत जरूरी है। बैंक से ‘नो ड्यू सर्टिफिकेट (NOC)’ और सेटलमेंट लेटर लेना न भूलें, ताकि भविष्य में कोई समस्या न हो। अगर आप लिखित प्रमाण नहीं लेंगे, तो बैंक आपसे बाद में और भुगतान की मांग कर सकता है, जिससे आपको परेशानी हो सकती है।
Que: क्या बैंक सेटलमेंट के बजाय लोन माफ कर सकता है?
Ans: नहीं, बैंक लोन माफ नहीं करता हैं, लेकिन सेटलमेंट के जरिए लोन की राशि कम करने का विकल्प दे सकता है।
Que: लोन सेटलमेंट करने के बाद क्या मुझे NOC लेना जरूरी है?
Ans: हां, सेटलमेंट पूरा होने के बाद बैंक से नो ड्यू सर्टिफिकेट (NOC) और सेटलमेंट लेटर लेना बहुत ही जरूरी होता है, ताकि भविष्य में किसी तरह की कानूनी या क्रेडिट स्कोर से जुड़ी समस्या न हो।
Que: क्या Personal Loan Settlement के बाद दोबारा लोन लिया जा सकता है?
Ans: हां, लेकिन चूंकि सेटलमेंट से आपका CIBIL स्कोर प्रभावित होता है, इसलिए बैंक या अन्य वित्तीय संस्थान आपको भविष्य में लोन देने में संकोच कर सकते हैं।
Que: क्या सभी बैंक Personal Loan Settlement की सुविधा देते हैं?
Ans: हां, ज्यादातर बैंक और वित्तीय संस्थान Personal Loan Settlement का विकल्प देते हैं, लेकिन यह पूरी तरह बैंक की नीति और उधारकर्ता की आर्थिक स्थिति पर निर्भर करता है।
Que: क्या लोन सेटलमेंट से मेरा CIBIL स्कोर प्रभावित होगा?
Ans: हां, Personal Loan Settlement करने से आपका CIBIL स्कोर कम हो सकता है, क्योंकि बैंक इसे “सेटल्ड” कैटेगरी में डाल सकता है, जिससे भविष्य में लोन या क्रेडिट कार्ड लेने में दिक्कत हो सकती है।