Loan Settlement का सीधा असर आपके CIBIL स्कोर पर पड़ता है और यह आपकी वित्तीय साख को नुकसान पहुंचा सकता है। जब भी कोई व्यक्ति किसी कारणवश लोन की पूरी राशि चुकाने में असमर्थ होता है, तो बैंक उसे Settlement का विकल्प देता है, जिसमें कुछ राशि माफ कर दी जाती है और शेष राशि चुकाने पर लोन को “Settled” के रूप में दर्ज किया जाता है।
Settlement होने के बाद CIBIL स्कोर 50-100 पॉइंट तक गिर सकता है, और यह रिकॉर्ड 7 साल तक क्रेडिट रिपोर्ट में बना रहता है। इससे भविष्य में नया लोन लेना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि बैंक इसे डिफॉल्ट मानकर लोन देने से इनकार कर सकते हैं या उच्च ब्याज दर पर लोन ऑफर कर सकते हैं। साथ ही, क्रेडिट कार्ड अप्रूवल में भी मुश्किल आ सकती है।
Loan Settlement से बचने के लिए बेहतर होगा कि आप बैंक से EMI कम करवाने, लोन री-स्ट्रक्चरिंग या बैलेंस ट्रांसफर जैसे विकल्पों पर विचार करें। अगर Settlement पहले ही हो चुका है, तो CIBIL स्कोर सुधारने के लिए समय पर भुगतान करें, छोटे लोन लें और क्रेडिट रिपोर्ट को नियमित रूप से चेक करें।
आज के समय में, जब भी हम किसी बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन से लोन लेने जाते हैं, तो वंहा सबसे पहले हमारा CIBIL स्कोर चेक किया जाता है। यह स्कोर यह तय करने में मदद करता है कि कोई व्यक्ति लोन चुकाने के लिए कितना योग्य है। लेकिन क्या होगा अगर किसी कारणवश आप अपना लोन पूरी तरह चुका न पाएं और लोन सेटलमेंट (Loan Settlement) का ऑप्शन चुनें?
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि लोन सेटलमेंट का मतलब लोन को पूरी तरह से चुकाना नहीं होता हैं। जब कोई व्यक्ति बैंक या NBFC से लोन लिया होता है, लेकिन किसी आर्थिक परेशानी की वजह से पूरा लोन को नहीं चुका पाता हैं, तो बैंक या फाइनेंशियल संस्था उसे सेटलमेंट का ऑफर प्रदान कर सकती है। इसका मतलब यह होता है कि बैंक लोन की कुछ राशि माफ कर देती है और ग्राहक से बाकी की बची हुई राशि एकमुश्त लेने के लिए तैयार हो जाती है।
जब भी कोई लोन सेटल किया जाता है, तो बैंक इसे “Settled” स्टेटस के रूप में CIBIL रिपोर्ट में दर्ज करता है। यह स्टेटस यह दर्शाता है कि ग्राहक ने पूरा लोन नहीं चुकाया बल्कि बैंक के साथ समझौता कर लिया। इससे CIBIL स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और आपका स्कोर 50-100 पॉइंट तक गिर सकता है। साथ ही, भविष्य में अगर आप किसी नए लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करते हैं, तो बैंक यह देखकर आपको लोन देने से इनकार कर सकता है या बहुत ज्यादा ब्याज दर पर लोन ऑफर कर सकता है।
कुल मिलाकर, लोन सेटलमेंट CIBIL स्कोर के लिए हानिकारक साबित हो सकता है, लेकिन अगर सही तरीके से फाइनेंशियल प्लानिंग की जाए तो इस प्रभाव को कम किया जा सकता है। आगे इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि लोन सेटलमेंट के बाद CIBIL स्कोर कैसे सुधारा जा सकता है और किन विकल्पों पर विचार करना चाहिए।
यह एक ऐसी वित्तीय प्रक्रिया होती है जिसमें बैंक या वित्तीय संस्था लोन लेने वाले व्यक्ति को पूरी बकाया लोन की राशि को चुकाने के बजाय कम राशि देकर लोन निपटाने का मौका देती है। यह सुविधा उन लोगों के लिए होती है जो किसी कारण से अपना लोन समय पर नहीं चुका पाते हैं और लगातार डिफॉल्ट कर रहे होते हैं।
सेटलमेंट के तहत बैंक एकमुश्त राशि (लंपसम अमाउंट) पर सहमति बना सकता है, जिससे लोन बंद हो जाता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि लोन सेटलमेंट करने से आपका CIBIL स्कोर प्रभावित हो सकता है, जिससे भविष्य में आपको लोन लेने में मुश्किल हो सकती है। इसलिए, इसे अंतिम विकल्प के रूप में ही अपनाना चाहिए।
जब कोई व्यक्ति अपने पर्सनल लोन की EMI समय पर चुकाने में असमर्थ हो जाता है और लंबे समय तक बकाया राशि जमा हो जाती है, तो बैंक या वित्तीय संस्था लोन सेटलमेंट का विकल्प देती है। इसमें बैंक ग्राहक को पूरी बकाया राशि के बजाय रियायती रकम (discounted amount) चुकाने का मौका देता है, जिससे लोन का मामला निपट जाता है।
सेटलमेंट की प्रक्रिया में ग्राहक और बैंक के बीच बातचीत होती है, जहां बैंक इस बात की पुष्टि करता है कि ग्राहक लोन का पूरा भुगतान नहीं कर सकता हैं। इसके बाद, बैंक एक सिंगल-शॉट पेमेंट ऑफर देता है, जो आमतौर पर बकाया लोन राशि से कम होता है। जब ग्राहक इस सहमत राशि का भुगतान कर देता है, तो बैंक लोन को “Settled” के रूप में रिपोर्ट करता है। हालांकि, यह CIBIL स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है क्योंकि इसे “Complete Payment” नहीं माना जाता हैं।
इसलिए, लोन सेटलमेंट को अंतिम विकल्प के रूप में ही चुनना चाहिए और अगर संभव हो, तो लोन रीपेमेंट प्लान, लोन री-स्ट्रक्चरिंग या अन्य वित्तीय समाधान पर विचार करना चाहिए ताकि CIBIL Score खराब न हो।
निम्नलिखित दस्तावेजों की जरुरत होती हैं:
अगर आप इसे ऑनलाइन अप्लाई करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करें:
हालांकि, Loan Settlement और Credit Card Loan Settlement दोनों का उद्देश्य कर्जदार को राहत देना होता है, लेकिन इनमें कुछ महत्वपूर्ण अंतर भी होते हैं।
| अंतर के बिंदु | Loan Settlement |
Credit Card Loan Settlement |
| प्रकार | किसी भी प्रकार के लोन (पर्सनल, होम, कार, एजुकेशन, आदि) का निपटारा |
केवल क्रेडिट कार्ड के बकाया राशि का निपटारा |
| सेटलमेंट प्रक्रिया | बैंक एकमुश्त राशि को तय करता है, जिसे चुकाने पर लोन सेटल हो जाता है। |
क्रेडिट कार्ड कंपनी एक तय की गई राशि पर समझौता करती है। |
| CIBIL स्कोर पर प्रभाव | CIBIL स्कोर 50-100 पॉइंट तक गिर सकता है और भविष्य में लोन लेना मुश्किल हो सकता है |
CIBIL स्कोर पर ज्यादा प्रभाव पड़ता है, और नए क्रेडिट कार्ड पाना मुश्किल हो सकता है। |
| भविष्य में लोन मिलने की संभावना | होम लोन, कार लोन या अन्य लोन प्राप्त करने में समस्या आ सकती है |
क्रेडिट कार्ड कंपनियां कार्ड जारी करने से इनकार कर सकती हैं। |
| ब्लैकलिस्ट होने की संभावना | कम |
खासकर क्रेडिट कार्ड कंपनियों द्वारा |
Loan Settlement का आपके CIBIL स्कोर पर सीधा और नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जब कोई व्यक्ति किसी बैंक या NBFC से लोन लेता है और किसी कारणवश पूरी राशि चुकाने में असमर्थ होता है, तो बैंक उसे एक समझौता करने का मौका देता है, जिसे Loan Settlement कहा जाता है।
हालांकि, Loan Settlement और Loan Closure में बहुत बड़ा अंतर होता है। अगर आप अपने लोन की पूरी राशि चुकाकर उसे बंद करते हैं, तो यह आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में “Closed” के रूप में दर्ज होता है, जिससे आपका CIBIL स्कोर बेहतर होता है। लेकिन अगर आपने लोन की कुछ राशि बैंक के साथ समझौते के तहत माफ करवा ली है, तो इसे “Settled” के रूप में रिपोर्ट किया जाता है, जो आपके क्रेडिट स्कोर को नुकसान पहुंचा सकता है।
अगर आपने लोन सेटल कर लिया है और अब CIBIL स्कोर सुधारना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए कदम उठा सकते हैं:
यहां कुछ जरुरी बिंदुओं पर ध्यान देने की जरुरत है, जो आपको सही Loan Settlement सर्विस चुनने में मदद करेंगे:
सेटलमेंट की सर्विस को लेने से पहले, यह सुनिश्चित करें कि जिस सर्विस प्रदाता से आप मदद ले रहे हैं, वह वित्तीय संस्थाओं और बैंकों के साथ रजिस्टर्ड और प्रमाणित हो। एक भरोसेमंद सर्विस प्रदाता ही आपको सही मार्गदर्शन और सहायता प्रदान कर सकता है। ऑनलाइन रिव्यू और ग्राहक की फीडबैक देखना एक अच्छा तरीका हो सकता है।
कई सर्विस प्रदाता सेवा शुल्क भी लेते हैं, लेकिन यह सुनिश्चित करें कि शुल्क ज्यादा न हो और कोई छिपे हुए खर्च न हों। सर्विस प्रदाता से पहले से समझौता करें कि कौन सी सेवाएं मुफ्त हैं और किनके लिए आपको अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
सर्विस प्रदाता द्वारा दी जाने वाली सेटलमेंट की प्रक्रिया को ध्यान से समझें। क्या वे आपकी पूरी स्थिति को समझते हैं और बैंक के साथ बातचीत करने के लिए आपको बेहतर समाधान प्रदान करते हैं? एक अच्छा प्रदाता आपको कागजात और प्रक्रिया से पूरी जानकारी देगा, ताकि आप पूरी प्रक्रिया को सही तरीके से समझ सकें।
आपको यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि सेवा प्रदाता कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त हो और उसके पास उन सभी अधिकारों की जानकारी हो जो आपके लोन के सेटलमेंट से जुड़े हैं। इससे आपको आगे किसी भी कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
सेटलमेंट की प्रक्रिया को चुनने से पहले, यह सुनिश्चित करें कि सर्विस प्रदाता वैकल्पिक समाधान जैसे लोन री-स्ट्रक्चरिंग या नए भुगतान प्लान के बारे में भी आपको जानकारी दे रहा हो। ये विकल्प कभी-कभी सेटलमेंट से बेहतर हो सकते हैं और आपके CIBIL स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव नहीं डालते हैं।
एक अच्छा सर्विस प्रदाता हमेशा ग्राहक के साथ संपर्क में रहेगा और आपकी समस्याओं का समाधान सही से करेगा। सुनिश्चित करें कि वे आपके सवालों का जवाब जल्दी देते हैं और किसी भी मुश्किल स्थिति में आपके साथ काम करने के लिए तैयार रहते हैं।
अगर आप भी कर्ज के जाल में फंस गए हैं और आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और Loan Settlement का रास्ता अपनाना चाहते है तो आप हमारी Loan Settlement की सेवा के लिए आवेदन कर सकते हैं। हम आपके लोन का सेटलमेंट करने में आपकी सहयता कर्नेगे। इसके साथ ही हम आपको 6 – 8 महीने के अंदर लोन के बोझ से राहत प्रदान करवाते हैं। अगर आपको हमारी सेवा के बारे में और ज्यादा जानकारी प्राप्त करनी हैं तो आप हमें सपर्क कर सकते हैं।
सेटलमेंट की प्रक्रिया का समय अलग – अलग कारकों पर भी निर्भर करता है, जैसे आपके बैंक या लोन देने वाली संस्था की पॉलिसी, बकाया राशि, और आप दोनों के बीच बातचीत। आमतौर पर यह प्रक्रिया 1 से 3 महीने तक का समय ले सकती है।
सेटलमेंट की प्रक्रिया में सबसे पहला कदम बैंक से बातचीत करना होता है, जहां आप अपनी मुश्किलों और भुगतान की स्थिति के बारें में बैंक को समझाते हैं। इसके बाद, बैंक आपकी स्थिति के आधार पर एक सेटलमेंट का ऑफर देता है। अगर आप उस ऑफर को स्वीकार करते हैं, तो बैंक को तय समय सीमा के भीतर भुगतान करना होता है। फिर बैंक लोन को सेटल के रूप में रिपोर्ट करता है, जो कुछ समय ले सकता है।
इस पूरी प्रक्रिया में जितना ज्यादा समय लगेगा, उतना ही आपके CIBIL स्कोर पर प्रभाव डाल सकता है, इसलिए जल्दी से जल्दी समाधान तलाशना बेहतर रहता है।
अगर आपने किसी बैंक से पर्सनल लोन लिया है और किसी कारणवश उसे पूरी तरह चुकाने में असमर्थ होते हैं, तो लोन सेटलमेंट आपके लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। लोन सेटलमेंट का मतलब होता है कि बैंक और उधारकर्ता (लोन लेने वाला व्यक्ति) के बीच एक समझौता होता है, जिसमें बैंक ब्याज या पेनल्टी को कम करके एक निश्चित राशि पर लोन निपटाने के लिए सहमत हो जाता है। जब लोन सेटलमेंट पूरा हो जाता है, तो बैंक एक Loan Settlement Letter जारी करता है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि लोनदाता और बैंक के बीच समझौता हुआ है और अब उधारकर्ता पर कोई बकाया नहीं है।
इसके निम्नलिखित फायदे और नुकसान होते हैं:
Loan Settlement का CIBIL स्कोर पर गहरा और नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह प्रक्रिया तब अपनाई जाती है जब कोई व्यक्ति अपनी आर्थिक स्थिति के कारण बैंक से लिया गया लोन पूरी तरह चुकाने में असमर्थ होता है। ऐसे में बैंक लोनधारक को समझौते (Settlement) का विकल्प देता है, जिसमें लोन की कुछ राशि माफ कर दी जाती है और बाकी की रकम एकमुश्त चुकाने पर लोन को “Settled” के रूप में दर्ज किया जाता है।
जब भी कोई व्यक्ति अपना लोन सेटल करता है, तो यह उसकी क्रेडिट रिपोर्ट में दर्ज हो जाता है और CIBIL स्कोर 50-100 पॉइंट या उससे ज्यादा गिर सकता है। इसके अलावा, यह जानकारी आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में कम से कम 7 साल तक बनी रहती है, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार का नया लोन या क्रेडिट कार्ड लेने में दिक्कत आ सकती है।
अगर आपने लोन सेटल किया है, तो भविष्य में जब भी आप किसी बैंक या NBFC से नया लोन लेंगे, तो वे आपकी CIBIL रिपोर्ट को जरूर चेक करेंगे। अगर आपकी रिपोर्ट में “Settled” का स्टेटस दिखाई देता है, तो बैंक आपको हाई-रिस्क ग्राहक मान सकता है और लोन देने से इनकार कर सकता है।
Que: Loan Settlement की एंट्री CIBIL रिपोर्ट में कितने समय तक रहती है?
Ans: Loan Settlement की जानकारी 7 सालो तक आपकी CIBIL रिपोर्ट में बनी रहती है, जिससे इस दौरान लोन और क्रेडिट कार्ड पाना मुश्किल हो सकता है।
Que: क्या सभी बैंक Loan Settlement का विकल्प देते हैं?
Ans: नहीं, सभी बैंक Loan Settlement का विकल्प नहीं देते हैं। यह बैंक की नीति और आपके लोन की स्थिति पर निर्भर करता है। कुछ बैंक इसे “Last Resort” (अंतिम उपाय) के रूप में ही इस्तेमाल करते हैं।
Que: क्या Loan Settlement के बाद मुझे क्रेडिट कार्ड मिल सकता है?
Ans: यह मुश्किल हो सकता है क्योंकि बैंक Settlement को नेगेटिव मार्क मानते हैं। हालांकि, आप सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड (Fixed Deposit के आधार पर मिलने वाला कार्ड) ले सकते हैं और धीरे-धीरे अपनी क्रेडिट हिस्ट्री सुधार सकते हैं।
Que: क्या मैं Loan Settlement को CIBIL रिपोर्ट से हटवा सकता हूँ?
Ans: सामान्य तौर पर Loan Settlement की एंट्री हटवाई नहीं जा सकती हैं, लेकिन आप बैंक से बातचीत करके इसे “Closed” में बदलवाने की कोशिश कर सकते हैं, जिसके लिए आपको बाकी की राशि चुकानी पड़ सकती है।
Que: क्या Credit Card Loan Settlement और Loan Settlement का प्रभाव अलग-अलग होता है?
Ans: हाँ, Credit Card Loan Settlement का प्रभाव ज्यादा बुरा हो सकता है क्योंकि क्रेडिट कार्ड कंपनियां इसे गंभीरता से लेती हैं और भविष्य में नए क्रेडिट कार्ड जारी करने से मना कर सकती हैं।
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