क्रेडिट कार्ड आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में एक जरुरी आर्थिक उपकरण बन चुका है। लेकिन कई बार जरूरत से ज्यादा खर्च या समय पर भुगतान न कर पाने के कारण कार्डधारक को अपने बकाया को चुकाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में कुछ लोग Credit Card Settlement का विकल्प चुनते हैं, जिसमें बैंक से समझौता कर कुछ राशि चुकाकर खाता बंद कर दिया जाता है।
हालांकि यह विकल्प तुरंत राहत जरूर देता है, लेकिन आगे चलकर कई परेशानियों का कारण बन सकता है। सबसे पहला और बड़ा असर आपके CIBIL स्कोर पर पड़ता है, जो कि किसी भी प्रकार का लोन लेने के लिए सबसे अहम मापदंड होता है। जैसे ही आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में “settled” का टैग जुड़ता है, बैंक या NBFC आपके लोन आवेदन को संदेह की नजर से देखने लगते हैं।
इसके अलावा, कई बार बैंक लोन देने से इनकार कर देते हैं या फिर उच्च ब्याज दर पर लोन ऑफर करते हैं। वहीं, अतिरिक्त दस्तावेज, को-गारंटर की मांग, या सीमित लोन राशि जैसी शर्तें भी सामने आ सकती हैं। इसलिए, Credit Card Settlement को अंतिम विकल्प के रूप में ही अपनाना चाहिए।
आजकल के समय में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल हर कोई करता है। यह न सिर्फ सुविधाजनक होता है, बल्कि जब अचानक पैसों की जरूरत पड़े, तो तुरंत मदद भी करता है। लेकिन कभी-कभी ज्यादा खर्च या समय पर भुगतान न कर पाने की वजह से क्रेडिट कार्ड का बकाया (Outstanding) बढ़ता चला जाता है। जब कर्ज इतना बढ़ जाए कि उसे चुकाना मुश्किल हो जाए, तो लोग अक्सर Credit Card Settlement का रास्ता अपनाते हैं। यानी बैंक से समझौता कर लिया जाता है कि कुल बकाया में से कुछ राशि चुकाकर खाता बंद कर दिया जाए।
हालांकि यह तरीका सुनने में आसान और राहत देने वाला लगता है, लेकिन इसके पीछे छुपी परेशानियों को समझना बहुत जरूरी है। खासकर तब, जब आप भविष्य में कोई और लोन लेने की योजना बना रहे हों – चाहे वह Home Loan, Car Loan हो या फिर Personal Loan।
सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि Credit Card Settlement, एक तरह का डिफॉल्ट (Default) ही माना जाता है। बैंक या वित्तीय संस्थान इसे इस तरह देखते हैं कि ग्राहक ने पूरा बकाया नहीं चुकाया और समझौता कर के अपना दायित्व पूरा किया। इसका सीधा असर आपके CIBIL Score और Credit Report पर पड़ता है। और जैसा कि हम जानते हैं, किसी भी लोन को अप्रूवल मिलने में आपका CIBIL स्कोर बहुत अहम भूमिका निभाता है।
आज के इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि Credit Card Settlement के बाद लोन लेने में किन-किन प्रकार की कठिनाइयाँ आ सकती हैं, इसका आपकी क्रेडिट प्रोफाइल पर क्या असर होता है और आप कैसे इन मुश्किलों से बाहर निकल सकते हैं। अगर आप भी भविष्य में किसी लोन के लिए आवेदन करने की सोच रहे हैं और पहले कभी कार्ड सेटल किया है, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकती है।
Credit Card Settlement एक ऐसी प्रक्रिया हैं जिसमे आप एकमुश्त भुगतान करके अपने क्रेडिट कार्ड पर बकया राशि का एक हिस्सा माफ़ करने के लिए अपने लेनदार से बातचीत करते हैं। यह एक ऐसा समझौता होता हैं जिसे आप अपने कार्ड जारीकर्ता के साथ अंतिम उपायें के रूप में तब करते हैं जब आप देखते हैं की आपके क्रेडिट कार्ड पर कर्ज बढ़ता जा रहा हैं।
ऐसा फ़िज़ूल के खर्च से लेकर लापरवाही से खर्च करने की आदतों तक कई कारणों से हो सकता हैं। जब आपका कर्ज बढ़ता है तो उसपर ब्याज भी बढ़ता हैं जिससे आपको बकाया राशि चुकाने में मुश्किल हो सकती हैं। अगर आपको इससे बहार निकलने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा हैं तो आप Credit Card Settlement की सिफारिश कर सकते हैं।
इसकी कुछ मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
नीचे कुछ सामान्य कारण दिए गए हैं:
हालांकि, Personal Loan Settlement और Credit Card Settlement दोनों का उद्देश्य कर्जदार को राहत देना होता है, लेकिन इनमें कुछ महत्वपूर्ण अंतर भी होते हैं।
| अंतर के बिंदु | Personal Loan Settlement | Credit Card Settlement |
| प्रकार | किसी भी प्रकार के लोन (पर्सनल, होम, कार, एजुकेशन, आदि) का निपटारा | केवल क्रेडिट कार्ड के बकाया राशि का निपटारा |
| सेटलमेंट प्रक्रिया | बैंक एकमुश्त राशि को तय करता है, जिसे चुकाने पर लोन सेटल हो जाता है। | क्रेडिट कार्ड कंपनी एक तय की गई राशि पर समझौता करती है। |
| CIBIL स्कोर पर प्रभाव | CIBIL स्कोर 50-100 पॉइंट तक गिर सकता है और भविष्य में लोन लेना मुश्किल हो सकता है | CIBIL स्कोर पर ज्यादा प्रभाव पड़ता है, और नए क्रेडिट कार्ड पाना मुश्किल हो सकता है। |
| भविष्य में लोन मिलने की संभावना | होम लोन, कार लोन या अन्य लोन प्राप्त करने में समस्या आ सकती है | क्रेडिट कार्ड कंपनियां कार्ड जारी करने से इनकार कर सकती हैं। |
अगर आप किसी कारणवश अपने क्रेडिट कार्ड का पूरा भुगतान नहीं कर पा रहे हैं, तो Credit Card Settlement एक विकल्प हो सकता है। इसमें बैंक या लोन देने वाली संस्था (NBFC) आपके बकाया लोन पर कुछ छूट देकर एक निश्चित राशि में समझौता कर लेती है। लेकिन इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आपको कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं।
Credit Card Settlement के लिए आवश्यक दस्तावेज:
1. पहचान प्रमाण (Identity Proof)
2. पते का प्रमाण (Address Proof)
3. आय प्रमाण (Income Proof)
4. लोन एग्रीमेंट (Loan Agreement)
यह वह दस्तावेज होता है, जो बैंक या NBFC द्वारा लोन देने के समय जारी किया गया था। इसमें लोन की शर्तें और आपकी बकाया राशि का विवरण होता है।
5. CIBIL रिपोर्ट (Credit Score Report)
Credit Card Settlement के दौरान बैंक आपके CIBIL स्कोर की जांच करता है, जिससे उन्हें आपकी क्रेडिट हिस्ट्री के बारे में जानकारी मिलती है। यह रिपोर्ट आपके क्रेडिट व्यवहार और मौजूदा लोन की स्थिति को दर्शाती है।
6. सेटलमेंट अनुरोध पत्र (Settlement Request Letter)
अगर आप Credit Card Settlement करवाना चाहते हैं, तो आपको बैंक को एक लिखित अनुरोध पत्र देना होगा, जिसमें आप अपनी मौजूदा आर्थिक स्थिति और सेटलमेंट की आवश्यकता के बारे में बताएंगे।
नीचे कुछ कदम दिए गए हैं, जो Credit Card Settlement से पहले अपनाने चाहिए:
नीचे Credit Card Settlement करने की प्रक्रिया को आसान शब्दों में समझाया गया है:
सेटलमेंट का क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसका असर निम्नलिखित तरीकों से देखा जा सकता है:
आइए विस्तार से समझते हैं कि Credit Card Settlement करने से आपका क्रेडिट स्कोर, लोन अप्रूवल और ब्याज दर पर क्या प्रभाव पड़ता है।
1. क्रेडिट स्कोर पर असर
जब भी आप अपने क्रेडिट कार्ड का पूरा बकाया चुकाने के बजाय सेटलमेंट करते हैं, तो इसे “Settled” के रूप में क्रेडिट रिपोर्ट में दर्ज किया जाता है। यह दर्शाता है कि आपने बैंक को पूरी राशि नहीं लौटाई, जिससे आपका CIBIL स्कोर (Credit Score) घट जाता है।
2. लोन अप्रूवल में दिक्कत
जब आप किसी बैंक या NBFC से होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो वे सबसे पहले आपका क्रेडिट स्कोर और क्रेडिट रिपोर्ट चेक करते हैं। यदि आपकी रिपोर्ट में सेटलमेंट की एंट्री होती है, तो बैंक आपको “Risky Borrower” मान सकता है और लोन देने से इनकार कर सकता है।
3. ब्याज दर ज्यादा हो सकती है
अगर किसी तरह आपको लोन मिल भी जाए, तो बैंक आपको उच्च ब्याज दर (High-Interest Rate) पर लोन दे सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बैंक को यह लगता है कि आपने पहले भी पूरा भुगतान नहीं किया हैं, जिससे उनके लिए जोखिम बढ़ जाता है।
4. क्रेडिट कार्ड लिमिट में कटौती
Credit Card Settlement के बाद, बैंक और वित्तीय संस्थान आपको नई क्रेडिट कार्ड लिमिट देने से बच सकते हैं या आपकी मौजूदा लिमिट को कम कर सकते हैं। इससे भविष्य में आपको बड़ी राशि का क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने में परेशानी हो सकती है।
5. अन्य वित्तीय सेवाओं पर भी असर
केवल लोन ही नहीं, बल्कि क्रेडिट कार्ड अपग्रेड, ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी, EMI विकल्प और अन्य फाइनेंशियल सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। कई बैंक उन ग्राहकों को प्री-अप्रूव्ड लोन और ऑफर नहीं देते जिनकी क्रेडिट हिस्ट्री में सेटलमेंट का रिकॉर्ड होता है।
इसके कई फायदे होते हैं, जो की निम्नलिखित हैं:
इसके कई नुकसान होते हैं, जो की निम्नलिखित हैं:
अंत में, यह स्पष्ट होता है कि Credit Card Settlement एक टेम्पररी समाधान तो हो सकता है, लेकिन इसके लम्बे समय के प्रभाव काफी गंभीर साबित हो सकते हैं। जब आप किसी कारणवश अपने क्रेडिट कार्ड का पूरा भुगतान नहीं कर पाते हैं और बैंक से समझौता कर लेते हैं, तो वह आपके लिए एक तरह की “क्रेडिट हिस्ट्री में खराबी” बन जाती है। यह खराबी भविष्य में आपके लिए नई आर्थिक योजनाओं को लागू करने में रुकावट बन सकती है, विशेषकर तब जब आप होम लोन, पर्सनल लोन या कार लोन लेने की सोच रहे हों।
इसके साथ ही, यह भी समझना जरूरी है कि बैंक और वित्तीय संस्थान आपके CIBIL स्कोर और क्रेडिट रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय करते हैं कि आप एक भरोसेमंद उधारकर्ता हैं या नहीं। और जब आपके रिकॉर्ड में “settled” जैसा कोई शब्द दिखाई देता है, तो उनका भरोसा डगमगा सकता है। इसलिए, यह कहा जा सकता है कि Credit Card Settlement करने से कुछ समय के लिए राहत जरूर मिलती है, लेकिन इसके दूरगामी परिणामों से बचा नहीं जा सकता हैं।
हालांकि, अच्छी बात यह है कि स्थिति को सुधारना भी संभव है। अगर आप समय के साथ दोबारा अपनी क्रेडिट हैबिट्स को सुधारते हैं, छोटे-छोटे लोन लेकर समय पर भुगतान करते हैं, और नई क्रेडिट जिम्मेदारियों को सही तरीके से निभाते हैं, तो धीरे-धीरे आपका CIBIL स्कोर दोबारा मजबूत हो सकता है। इसके अलावा, आप CIBIL को पत्र लिखकर पुराने सेटलमेंट को स्पष्ट करने की कोशिश कर सकते हैं, या फिर पूरी बकाया राशि चुकाकर “settled” को “closed” में बदलवा सकते हैं – यह भी एक सकारात्मक कदम हो सकता है।
Que: क्या सेटलमेंट के बाद भी मैं नया क्रेडिट कार्ड ले सकता हूं?
Ans: यह मुश्किल हो सकता है। कई बैंक सेटलमेंट के बाद क्रेडिट कार्ड देने से बचते हैं या बहुत कम क्रेडिट लिमिट प्रदान करते हैं।
Que: सेटलमेंट की एंट्री कितने साल तक क्रेडिट रिपोर्ट में रहती है?
Ans: सेटलमेंट की एंट्री 7 साल तक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में रह सकती है, जिससे इस दौरान लोन या क्रेडिट कार्ड लेना कठिन हो सकता है।
Que: क्या बैंक मुझसे सेटलमेंट के बाद भी बची हुई राशि मांग सकता है?
Ans: नहीं, एक बार सेटलमेंट हो जाने के बाद बैंक आपको बची हुई राशि के लिए परेशान नहीं करेगा। लेकिन यह आपकी क्रेडिट रिपोर्ट पर नकारात्मक प्रभाव जरूर डालता है।
Que: क्या Credit Card Settlement करने से मेरा क्रेडिट स्कोर प्रभावित होगा?
Ans: हां, जब आप सेटलमेंट करते हैं, तो इसे आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में “Settled” के रूप में दर्ज किया जाता है, जिससे आपका क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score) कम हो सकता है और भविष्य में लोन लेने में दिक्कत आ सकती है।
Que: क्या सेटलमेंट के बाद मैं भविष्य में लोन ले सकता हूं?
Ans: सेटलमेंट के बाद लोन मिलना मुश्किल हो सकता है। बैंक आपकी क्रेडिट हिस्ट्री देखकर आपको “High-Risk Borrower” मान सकते हैं और लोन देने से इनकार कर सकते हैं या उच्च ब्याज दर पर लोन दे सकते हैं।