Bajaj Finance Loan Settlement एक ऐसा विकल्प है जो उन लोगों के लिए उपयोगी साबित होता है जो किसी कारणवश अपने लोन की किश्ते समय पर नहीं चुका पा रहे हैं। कभी-कभी जीवन में ऐसी परिस्थितियाँ आ जाती हैं – जैसे नौकरी का चले जाना, व्यापार में नुकसान या गंभीर बीमारी – जिनके चलते लोन की EMI चुकाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में, लोन सेटलमेंट एक व्यावहारिक समाधान बन सकता है।
सबसे पहले, आपको अपने लोन की वर्तमान स्थिति की पूरी जानकारी लेनी चाहिए – कितना मूलधन बचा है, कितना ब्याज है और कितनी पेनल्टी लगी है। इसके बाद, Bajaj Finance के ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क करें और अपनी स्थिति ईमानदारी से बताएं। यदि कंपनी को आपकी बात जायज लगती है, तो वे आपको एक सेटलमेंट ऑफर देंगे, जिसमें वे कम राशि लेकर लोन खाता बंद करने का प्रस्ताव रखते हैं।
इसके बाद, अगर आप इस ऑफर को स्वीकार करते हैं और तय राशि समय पर चुका देते हैं, तो आपको एक No Dues Certificate (NOC) लेना चाहिए। यह प्रमाण होता है कि आपने अपनी सारी देनदारी पूरी कर दी है।
हालाँकि, यह भी ध्यान रखना ज़रूरी है कि लोन सेटलमेंट का असर आपके CIBIL स्कोर पर पड़ता है। इसका मतलब है कि भविष्य में जब आप नया लोन या क्रेडिट कार्ड लेने जाएंगे, तो बैंक या वित्तीय संस्थान सावधानी बरत सकते हैं।
आज के समय में लोन लेना एक आम बात हो गई है। चाहे घर बनवाना हो, गाड़ी खरीदनी हो या फिर बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना हो – इन सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए लोग अलग-अलग तरह के लोन लेते हैं। बाजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) भारत की एक जानी-मानी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) है, जो पर्सनल लोन, होम लोन, बिजनेस लोन और कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन जैसी कई सुविधाएं देती है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति अचानक बिगड़ जाती है और वह समय पर लोन की किश्तें नहीं चुका पाता हैं।
अगर आप भी किसी कारणवश अपने Bajaj Finance लोन की EMI समय पर नहीं भर पा रहे हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। इसके लिए एक विकल्प होता है – “Loan Settlement“। यह एक ऐसा समाधान है जिसमें कर्जदाता और कर्ज लेने वाला आपसी सहमति से लोन को कम रकम लेकर निपटाने का फैसला करते हैं। यानी अगर आपने ₹1,00,000 का लोन लिया था और अब ₹80,000 या उससे कम देकर लोन को खत्म किया जा सकता है, तो इसे ही Loan Settlement कहते हैं।
Loan Settlement एक आसान रास्ता ज़रूर लगता है, लेकिन इसके कुछ नुकसान भी होते हैं। सबसे बड़ा नुकसान यह है कि इससे आपकी CIBIL स्कोर (क्रेडिट स्कोर) पर बुरा असर पड़ता है। जब भी आप किसी बैंक या NBFC से भविष्य में लोन लेने की कोशिश करेंगे, तो यह Loan Settlement रिकॉर्ड आपके सामने आ सकता है और लोन अप्रूव होने में दिक्कत हो सकती है।
आज के इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि Bajaj Finance से Loan Settlement करने का सही तरीका क्या है, किन-किन दस्तावेज़ों की जरूरत होती है, किन बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है और किन गलतियों से आपको बचना चाहिए।
यह एक ऐसी वित्तीय प्रक्रिया होती है जिसमें बैंक या वित्तीय संस्था लोन लेने वाले व्यक्ति को पूरी बकाया लोन की राशि को चुकाने के बजाय कम राशि देकर लोन निपटाने का मौका देती है। यह सुविधा उन लोगों के लिए होती है जो किसी कारण से अपना लोन समय पर नहीं चुका पाते हैं और लगातार डिफॉल्ट कर रहे होते हैं।
सेटलमेंट के तहत बैंक एकमुश्त राशि (लंपसम अमाउंट) पर सहमति बना सकता है, जिससे लोन बंद हो जाता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि Loan Settlement करने से आपका CIBIL स्कोर प्रभावित हो सकता है, जिससे भविष्य में आपको लोन लेने में मुश्किल हो सकती है। इसलिए, इसे अंतिम विकल्प के रूप में ही अपनाना चाहिए।
जब कोई व्यक्ति अपने पर्सनल लोन की EMI समय पर चुकाने में असमर्थ हो जाता है और लंबे समय तक बकाया राशि जमा हो जाती है, तो बैंक या वित्तीय संस्था Loan Settlement का विकल्प देती है। इसमें बैंक ग्राहक को पूरी बकाया राशि के बजाय रियायती रकम (discounted amount) चुकाने का मौका देता है, जिससे लोन का मामला निपट जाता है।
सेटलमेंट की प्रक्रिया में ग्राहक और बैंक के बीच बातचीत होती है, जहां बैंक इस बात की पुष्टि करता है कि ग्राहक लोन का पूरा भुगतान नहीं कर सकता हैं। इसके बाद, बैंक एक सिंगल-शॉट पेमेंट ऑफर देता है, जो आमतौर पर बकाया लोन राशि से कम होता है। जब ग्राहक इस सहमत राशि का भुगतान कर देता है, तो बैंक लोन को “Settled” के रूप में रिपोर्ट करता है। हालांकि, यह CIBIL स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है क्योंकि इसे “Complete Payment” नहीं माना जाता हैं।
इसलिए, Loan Settlement को अंतिम विकल्प के रूप में ही चुनना चाहिए और अगर संभव हो, तो लोन रीपेमेंट प्लान, लोन री-स्ट्रक्चरिंग या अन्य वित्तीय समाधान पर विचार करना चाहिए ताकि CIBIL Score खराब न हो।
निम्नलिखित दस्तावेजों की जरुरत होती हैं:
अगर आप इसे ऑनलाइन अप्लाई करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करें:
बैंक की वेबसाइट या ऐप पर जाएं
कस्टमर सपोर्ट सेक्शन देखें
सेटलमेंट करने के लिए रिक्वेस्ट फॉर्म भरें
जरूरी दस्तावेजो को अपलोड करें
सबमिट करें और बैंक की तरफ से जवाब आने का इंतजार करें
बैंक के ऑफर को समझें
भुगतान करें
हालांकि, Loan Settlement और Credit Card Loan Settlement दोनों का उद्देश्य कर्जदार को राहत देना होता है, लेकिन इनमें कुछ महत्वपूर्ण अंतर भी होते हैं।
| अंतर के बिंदु | Loan Settlement | Credit Card Loan Settlement |
| प्रकार | किसी भी प्रकार के लोन (पर्सनल, होम, कार, एजुकेशन, आदि) का निपटारा | केवल क्रेडिट कार्ड के बकाया राशि का निपटारा |
| सेटलमेंट प्रक्रिया | बैंक एकमुश्त राशि को तय करता है, जिसे चुकाने पर लोन सेटल हो जाता है। | क्रेडिट कार्ड कंपनी एक तय की गई राशि पर समझौता करती है। |
| CIBIL स्कोर पर प्रभाव | CIBIL स्कोर 50-100 पॉइंट तक गिर सकता है और भविष्य में लोन लेना मुश्किल हो सकता है | CIBIL स्कोर पर ज्यादा प्रभाव पड़ता है, और नए क्रेडिट कार्ड पाना मुश्किल हो सकता है। |
| भविष्य में लोन मिलने की संभावना | होम लोन, कार लोन या अन्य लोन प्राप्त करने में समस्या आ सकती है | क्रेडिट कार्ड कंपनियां कार्ड जारी करने से इनकार कर सकती हैं। |
Loan Settlement का आपके CIBIL स्कोर पर सीधा और नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जब कोई व्यक्ति किसी बैंक या NBFC से लोन लेता है और किसी कारणवश पूरी राशि चुकाने में असमर्थ होता है, तो बैंक उसे एक समझौता करने का मौका देता है, जिसे Loan Settlement कहा जाता है।
हालांकि, Loan Settlement और Loan Closure में बहुत बड़ा अंतर होता है। अगर आप अपने लोन की पूरी राशि चुकाकर उसे बंद करते हैं, तो यह आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में “Closed” के रूप में दर्ज होता है, जिससे आपका CIBIL स्कोर बेहतर होता है। लेकिन अगर आपने लोन की कुछ राशि बैंक के साथ समझौते के तहत माफ करवा ली है, तो इसे “Settled” के रूप में रिपोर्ट किया जाता है, जो आपके क्रेडिट स्कोर को नुकसान पहुंचा सकता है।
अगर आपने लोन सेटल कर लिया है और अब CIBIL स्कोर सुधारना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए कदम उठा सकते हैं:
यहां कुछ जरुरी बिंदुओं पर ध्यान देने की जरुरत है, जो आपको सही Loan Settlement सर्विस चुनने में मदद करेंगे:
सर्विस प्रदाता की प्रमाणिकता को चेक करें
सेटलमेंट की सर्विस को लेने से पहले, यह सुनिश्चित करें कि जिस सर्विस प्रदाता से आप मदद ले रहे हैं, वह वित्तीय संस्थाओं और बैंकों के साथ रजिस्टर्ड और प्रमाणित हो। एक भरोसेमंद सर्विस प्रदाता ही आपको सही मार्गदर्शन और सहायता प्रदान कर सकता है। ऑनलाइन रिव्यू और ग्राहक की फीडबैक देखना एक अच्छा तरीका हो सकता है।
सेवा शुल्क और अन्य खर्चों की भी जांच करें
कई सर्विस प्रदाता सेवा शुल्क भी लेते हैं, लेकिन यह सुनिश्चित करें कि शुल्क ज्यादा न हो और कोई छिपे हुए खर्च न हों। सर्विस प्रदाता से पहले से समझौता करें कि कौन सी सेवाएं मुफ्त हैं और किनके लिए आपको अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
सेटलमेंट प्रक्रिया को समझें
सर्विस प्रदाता द्वारा दी जाने वाली सेटलमेंट की प्रक्रिया को ध्यान से समझें। क्या वे आपकी पूरी स्थिति को समझते हैं और बैंक के साथ बातचीत करने के लिए आपको बेहतर समाधान प्रदान करते हैं? एक अच्छा प्रदाता आपको कागजात और प्रक्रिया से पूरी जानकारी देगा, ताकि आप पूरी प्रक्रिया को सही तरीके से समझ सकें।
हमारी सेवा के साथ जुड़े
अगर आप भी कर्ज के जाल में फंस गए हैं और आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और Loan Settlement का रास्ता अपनाना चाहते है तो आप हमारी Loan Settlement की सेवा के लिए आवेदन कर सकते हैं। हम आपके लोन का सेटलमेंट करने में आपकी सहयता कर्नेगे। इसके साथ ही हम आपको 6 – 8 महीने के अंदर लोन के बोझ से राहत प्रदान करवाते हैं। अगर आपको हमारी सेवा के बारे में और ज्यादा जानकारी प्राप्त करनी हैं तो आप हमें सपर्क कर सकते हैं।
सेटलमेंट की प्रक्रिया का समय अलग – अलग कारकों पर भी निर्भर करता है, जैसे आपके बैंक या लोन देने वाली संस्था की पॉलिसी, बकाया राशि, और आप दोनों के बीच बातचीत। आमतौर पर यह प्रक्रिया 1 से 3 महीने तक का समय ले सकती है।
सेटलमेंट की प्रक्रिया में सबसे पहला कदम बैंक से बातचीत करना होता है, जहां आप अपनी मुश्किलों और भुगतान की स्थिति के बारें में बैंक को समझाते हैं। इसके बाद, बैंक आपकी स्थिति के आधार पर एक सेटलमेंट का ऑफर देता है। अगर आप उस ऑफर को स्वीकार करते हैं, तो बैंक को तय समय सीमा के भीतर भुगतान करना होता है। फिर बैंक लोन को सेटल के रूप में रिपोर्ट करता है, जो कुछ समय ले सकता है।
इस पूरी प्रक्रिया में जितना ज्यादा समय लगेगा, उतना ही आपके CIBIL स्कोर पर प्रभाव डाल सकता है, इसलिए जल्दी से जल्दी समाधान तलाशना बेहतर रहता है।
अगर आपने किसी बैंक से पर्सनल लोन लिया है और किसी कारणवश उसे पूरी तरह चुकाने में असमर्थ होते हैं, तो Loan Settlement आपके लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। Loan Settlement का मतलब होता है कि बैंक और उधारकर्ता (लोन लेने वाला व्यक्ति) के बीच एक समझौता होता है, जिसमें बैंक ब्याज या पेनल्टी को कम करके एक निश्चित राशि पर लोन निपटाने के लिए सहमत हो जाता है। जब Loan Settlement पूरा हो जाता है, तो बैंक एक Loan Settlement Letter जारी करता है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि लोनदाता और बैंक के बीच समझौता हुआ है और अब उधारकर्ता पर कोई बकाया नहीं है।
इसके निम्नलिखित फायदे और नुकसान होते हैं:
फायदे
नुक्सान
1. अपने बकाया लोन की सही जानकारी लें
सबसे पहले यह पता करें कि आपके लोन पर कितनी राशि बकाया है – मूलधन (Principal), ब्याज (Interest), पेनल्टी (Penalty) आदि।
2. ग्राहक सेवा से संपर्क करें
Bajaj Finance की कस्टमर केयर (Customer Care) से संपर्क करें या अपने नजदीकी ब्रांच में जाएं। उन्हें अपनी मौजूदा स्थिति ईमानदारी से बताएं – जैसे नौकरी छूट गई है, व्यापार में घाटा हो गया है, या मेडिकल इमरजेंसी है।
3. Settlement Request Submit करें
आपको एक लिखित एप्लिकेशन या ईमेल के माध्यम से Settlement Request जमा करनी होती है, जिसमें आपको अपना Loan Account Number, वजह और अपनी वर्तमान वित्तीय स्थिति के बारे में लिखना होगा।
4. Settlement Offer का इंतज़ार करें
अगर Bajaj Finance को आपकी स्थिति वाजिब लगती है, तो वे आपको एक Settlement Offer देंगे जिसमें वे बताएंगे कि कितनी राशि चुकाने पर वे लोन को बंद करने को तैयार हैं।
5. Settlement Amount का भुगतान करें
अगर आपको Settlement Offer स्वीकार्य है, तो निर्धारित समय के भीतर उस राशि का भुगतान करें। ध्यान दें, यह एक बार में या कुछ किश्तों में चुकाना पड़ सकता है।
6. No Dues Certificate (NOC) जरूर लें
पेमेंट के बाद Bajaj Finance से लिखित रूप में No Dues Certificate जरूर लें। यह प्रमाण होगा कि अब आपके ऊपर कोई बकाया नहीं है।
अब तक आपने जाना कि Loan Settlement क्या होता है, इसे कैसे किया जाता है, और इससे जुड़ी जरूरी बातें क्या हैं। अब आइए इसका एक आसान का निष्कर्ष समझते हैं, जिससे आपको पूरे विषय की गहराई अच्छे से समझ आ सके।
सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि लोन लेना एक वित्तीय ज़िम्मेदारी है और इसे समय पर चुकाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। लेकिन कई बार ज़िंदगी में ऐसी परिस्थितियाँ आ जाती हैं, जब लोन चुकाना मुश्किल हो जाता है। जैसे कि नौकरी छूट जाना, व्यापार में घाटा होना, या किसी मेडिकल इमरजेंसी का सामना करना। ऐसे समय में अगर आप लगातार EMI नहीं भर पा रहे हैं, तो आप पर ब्याज और पेनल्टी का बोझ बढ़ता चला जाता है।
इसी स्थिति में लोन सेटलमेंट एक राहत देने वाला विकल्प बनकर सामने आता है। यह एक ऐसा रास्ता है जिसमें आप और Bajaj Finance मिलकर एक समझौता करते हैं, ताकि आप कम राशि देकर लोन से छुटकारा पा सकें। हालांकि यह अंतिम विकल्प होना चाहिए क्योंकि इसका सीधा असर आपके क्रेडिट स्कोर यानी CIBIL स्कोर पर पड़ता है।
Que: Loan Settlement की एंट्री CIBIL रिपोर्ट में कितने समय तक रहती है?
Ans: Loan Settlement की जानकारी 7 सालो तक आपकी CIBIL रिपोर्ट में बनी रहती है, जिससे इस दौरान लोन और क्रेडिट कार्ड पाना मुश्किल हो सकता है।
Que: क्या सभी बैंक Loan Settlement का विकल्प देते हैं?
Ans: नहीं, सभी बैंक Loan Settlement का विकल्प नहीं देते हैं। यह बैंक की नीति और आपके लोन की स्थिति पर निर्भर करता है। कुछ बैंक इसे “Last Resort” (अंतिम उपाय) के रूप में ही इस्तेमाल करते हैं।
Que: क्या Loan Settlement के बाद मुझे क्रेडिट कार्ड मिल सकता है?
Ans: यह मुश्किल हो सकता है क्योंकि बैंक Settlement को नेगेटिव मार्क मानते हैं। हालांकि, आप सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड (Fixed Deposit के आधार पर मिलने वाला कार्ड) ले सकते हैं और धीरे-धीरे अपनी क्रेडिट हिस्ट्री सुधार सकते हैं।
Que: क्या मैं Loan Settlement को CIBIL रिपोर्ट से हटवा सकता हूँ?
Ans: सामान्य तौर पर Loan Settlement की एंट्री हटवाई नहीं जा सकती हैं, लेकिन आप बैंक से बातचीत करके इसे “Closed” में बदलवाने की कोशिश कर सकते हैं, जिसके लिए आपको बाकी की राशि चुकानी पड़ सकती है।
Que: क्या Credit Card Loan Settlement और Loan Settlement का प्रभाव अलग-अलग होता है?
Ans: हाँ, Credit Card Loan Settlement का प्रभाव ज्यादा बुरा हो सकता है क्योंकि क्रेडिट कार्ड कंपनियां इसे गंभीरता से लेती हैं और भविष्य में नए क्रेडिट कार्ड जारी करने से मना कर सकती हैं।
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