CIBIL डिफॉल्टर बनने के बाद ज़िंदगी में कई आर्थिक चुनौतियाँ सामने आती हैं – लोन अप्रूवल में दिक्कतें, उच्च ब्याज दरें, और फाइनेंशियल अस्थिरता। लेकिन ये स्थिति स्थायी नहीं होती। अगर सही दिशा में प्रयास किया जाए, तो डिफॉल्टर की स्थिति से बाहर निकलना संभव है और क्रेडिट स्कोर को दोबारा मजबूत किया जा सकता है।
CIBIL स्कोर आपके पिछले लोन और क्रेडिट कार्ड के उपयोग और भुगतान की आदतों पर आधारित होता है। यदि किसी वजह से भुगतान में चूक हुई है या लोन सेटलमेंट हुआ है, तो वह रिपोर्ट में नेगेटिव एंट्री के रूप में दर्ज हो जाता है। लेकिन इसके समाधान के लिए कई रास्ते मौजूद हैं – जैसे कि सेक्योर्ड लोन, गोल्ड लोन, लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी, या क्रेडिट बिल्डर लोन। ये लोन विशेष रूप से उन लोगों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं जिनका CIBIL स्कोर कम है।
इसके अलावा, समय पर EMI चुकाना, क्रेडिट कार्ड का सीमित उपयोग करना, और गलत रिपोर्टिंग को CIBIL से डिस्प्यूट के ज़रिए ठीक करवाना – ये सभी कदम स्कोर सुधारने में सहायक होते हैं। यदि आपने पुराना कोई बकाया लोन सेटल किया है, तो उसकी जानकारी को भी अपडेट कराना जरूरी होता है।
आज के समय में लोन लेना लगभग हर व्यक्ति की ज़रूरत बन चुका है – चाहे वो घर खरीदना हो, बिज़नेस शुरू करना हो या किसी इमरजेंसी को मैनेज करना हो। लेकिन अगर आपका CIBIL स्कोर खराब है या आप “CIBIL Defaulter” की लिस्ट में आ चुके हैं, तो बैंक और NBFC से लोन मिलना बहुत मुश्किल हो जाता है। इस स्थिति में व्यक्ति खुद को फाइनेंशियल जाल में फँसा हुआ महसूस करता है। लेकिन चिंता करने की ज़रूरत नहीं – क्योंकि ऐसे लोगों के लिए भी कई स्मार्ट लोन सॉल्यूशंस मौजूद हैं, जो न केवल आपकी आर्थिक मदद करते हैं बल्कि धीरे-धीरे आपका क्रेडिट स्कोर भी सुधार सकते हैं।
CIBIL स्कोर एक तरह से आपकी फाइनेंशियल विश्वसनीयता का आईना होता है। यह स्कोर 300 से 900 के बीच होता है, और 750 से ऊपर का स्कोर अच्छा माना जाता है। लेकिन अगर आपने किसी लोन या क्रेडिट कार्ड का समय पर भुगतान नहीं किया है, EMI मिस की है, या लोन का डिफॉल्ट किया है, तो आपकी CIBIL रिपोर्ट पर नेगेटिव असर पड़ता है। इससे आपका स्कोर गिरता है और भविष्य में लोन मिलने की संभावनाएं कम हो जाती हैं।
हालांकि, अगर आप एक CIBIL डिफॉल्टर हैं, तब भी आपके लिए उम्मीद की किरण बाकी है। आजकल कई बैंक, NBFC और फिनटेक कंपनियां ऐसे ग्राहकों के लिए खास स्कीम लेकर आती हैं जैसे – सेक्योर्ड लोन, गारंटर लोन, लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी, गोल्ड लोन, या क्रेडिट बिल्डर लोन। इन लोन विकल्पों के ज़रिए न केवल आप अपनी जरूरतें पूरी कर सकते हैं बल्कि समय पर भुगतान करके दोबारा अच्छा CIBIL स्कोर भी बना सकते हैं।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि CIBIL डिफॉल्टर्स के लिए कौन-कौन से लोन विकल्प मौजूद हैं, उन्हें कैसे अप्लाई करें, किन बातों का ध्यान रखें और कैसे अपने क्रेडिट स्कोर को बेहतर करें – ताकि आप फिर से एक अच्छे बोर्रोवर बन सकें।
जब आप बैंक से लोन या क्रेडिट कार्ड लेने के लिए आवेदन करते हैं, तो बैंक सबसे पहले आपके CIBIL Score को चेक करता है। यह स्कोर आपके क्रेडिट व्यवहार यानी आपने पहले लिए गए लोन या क्रेडिट कार्ड का भुगतान समय पर किया है या नहीं, उस पर आधारित होता है।
CIBIL Score एक 3-अंकों का नंबर होता है जो 300 से 900 के बीच होता है। यह स्कोर आपके क्रेडिट हिस्ट्री के आधार पर तय होता है। यह बताता है कि आप लोन या क्रेडिट कार्ड के पैसे को कितनी जिम्मेदारी से चुका रहे हैं।
यह एक ऐसी वित्तीय प्रक्रिया होती है जिसमें बैंक या वित्तीय संस्था लोन लेने वाले व्यक्ति को पूरी बकाया लोन की राशि को चुकाने के बजाय कम राशि देकर लोन निपटाने का मौका देती है। यह सुविधा उन लोगों के लिए होती है जो किसी कारण से अपना लोन समय पर नहीं चुका पाते हैं और लगातार डिफॉल्ट कर रहे होते हैं।
सेटलमेंट के तहत बैंक एकमुश्त राशि (लंपसम अमाउंट) पर सहमति बना सकता है, जिससे लोन बंद हो जाता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि Loan Settlement करने से आपका CIBIL Score प्रभावित हो सकता है, जिससे भविष्य में आपको लोन लेने में मुश्किल हो सकती है। इसलिए, इसे अंतिम विकल्प के रूप में ही अपनाना चाहिए।
जब कोई व्यक्ति अपने पर्सनल लोन की EMI समय पर चुकाने में असमर्थ हो जाता है और लंबे समय तक बकाया राशि जमा हो जाती है, तो बैंक या वित्तीय संस्था Loan Settlement का विकल्प देती है। इसमें बैंक ग्राहक को पूरी बकाया राशि के बजाय रियायती रकम (discounted amount) चुकाने का मौका देता है, जिससे लोन का मामला निपट जाता है।
सेटलमेंट की प्रक्रिया में ग्राहक और बैंक के बीच बातचीत होती है, जहां बैंक इस बात की पुष्टि करता है कि ग्राहक लोन का पूरा भुगतान नहीं कर सकता हैं। इसके बाद, बैंक एक सिंगल-शॉट पेमेंट ऑफर देता है, जो आमतौर पर बकाया लोन राशि से कम होता है। जब ग्राहक इस सहमत राशि का भुगतान कर देता है, तो बैंक लोन को "Settled" के रूप में रिपोर्ट करता है। हालांकि, यह CIBIL Score पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है क्योंकि इसे "Complete Payment" नहीं माना जाता हैं।
इसलिए, Loan Settlement को अंतिम विकल्प के रूप में ही चुनना चाहिए और अगर संभव हो, तो लोन रीपेमेंट प्लान, लोन री-स्ट्रक्चरिंग या अन्य वित्तीय समाधान पर विचार करना चाहिए ताकि CIBIL Score खराब न हो।
निम्नलिखित दस्तावेजों की जरुरत होती हैं:
आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, या ड्राइविंग लाइसेंस आदि।
सैलरी स्लिप, आयकर रिटर्न, बैंक स्टेटमेंट आदि।
Loan Settlement लेटर, कर्ज विवरण, भुगतान रसीदें आदि।
निवेश के दस्तावेज़, संपत्ति के दस्तावेज़, बीमा पॉलिसी आदि।
अगर आप इसे ऑनलाइन अप्लाई करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करें:
बैंक की वेबसाइट या ऐप पर जाएं
अपने लोन प्रदाता या बैंक की ऑफिसियल वेबसाइट या मोबाइल ऐप को खोलें।
साइन अप करें, अगर पहले से अकाउंट है, तो लॉग इन करें। नहीं तो नया अकाउंट बनाएं।
कस्टमर सपोर्ट सेक्शन देखें
वेबसाइट या ऐप पर 'Customer Support' या 'Contact Us' सेक्शन पर जाएं।
यहां आपको "Loan Settlement" से संबंधित विकल्प मिल सकता है, जैसे:
लोन से जुड़ी शिकायत दर्ज करना।
Loan Settlement के लिए रिक्वेस्ट फॉर्म।
सेटलमेंट करने के लिए रिक्वेस्ट फॉर्म भरें
"Loan Settlement Request" विकल्प चुनें।
मांगी गई जानकारी भरें, जैसे:
आपका नाम
लोन अकाउंट नंबर
ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर
कारण (क्यों आप सेटलमेंट करना चाहते हैं, जैसे वित्तीय समस्या या आय में कमी)।
जरूरी दस्तावेजो को अपलोड करें
अपनी मौजूदा वित्तीय स्थिति को दिखाने वाले दस्तावेज अपलोड करें, जैसे:
इनकम सर्टिफिकेट या सैलरी स्लिप
बैंक स्टेटमेंट
कोई अन्य प्रमाण जो आपकी समस्या को स्पष्ट करे।
सभी दस्तावेज स्कैन करके सही फॉर्मेट में अपलोड करें (PDF या JPEG)।
सबमिट करें और बैंक की तरफ से जवाब आने का इंतजार करें
फॉर्म सबमिट करने के बाद, बैंक आपकी रिक्वेस्ट की जांच करेगा।
आमतौर पर बैंक 7-10 वर्किंग डेज़ में आपसे संपर्क करता है। वे ईमेल, कॉल, या मैसेज के जरिए सेटलमेंट की जानकारी देंगे।
बैंक के ऑफर को समझें
बैंक आपके बकाया राशि का एक हिस्सा माफ करने का प्रस्ताव देगा। इसे ध्यान से पढ़ें।
अगर आपको ऑफर स्वीकार है, तो आगे बढ़ें। नहीं तो और बातचीत करें।
भुगतान करें
बैंक द्वारा तय की गई सेटलमेंट राशि को ऑनलाइन पेमेंट मोड के जरिए चुकाएं।
बैंक आपको पेमेंट का कन्फर्मेशन देगा और आपका लोन खाता बंद कर देगा।
हालांकि, Loan Settlement और Credit Card Settlement दोनों का उद्देश्य कर्जदार को राहत देना होता है, लेकिन इनमें कुछ महत्वपूर्ण अंतर भी होते हैं।
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अंतर के बिंदु |
Loan Settlement |
Credit Card Settlement |
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प्रकार |
किसी भी प्रकार के लोन (पर्सनल, होम, कार, एजुकेशन, आदि) का निपटारा |
केवल क्रेडिट कार्ड के बकाया राशि का निपटारा |
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सेटलमेंट प्रक्रिया |
बैंक एकमुश्त राशि को तय करता है, जिसे चुकाने पर लोन सेटल हो जाता है। |
क्रेडिट कार्ड कंपनी एक तय की गई राशि पर समझौता करती है। |
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CIBIL Score पर प्रभाव |
CIBIL Score 50-100 पॉइंट तक गिर सकता है और भविष्य में लोन लेना मुश्किल हो सकता है |
CIBIL Score पर ज्यादा प्रभाव पड़ता है, और नए क्रेडिट कार्ड पाना मुश्किल हो सकता है। |
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भविष्य में लोन मिलने की संभावना |
होम लोन, कार लोन या अन्य लोन प्राप्त करने में समस्या आ सकती है |
क्रेडिट कार्ड कंपनियां कार्ड जारी करने से इनकार कर सकती हैं। |
Loan Settlement का आपके CIBIL Score पर सीधा और नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जब कोई व्यक्ति किसी बैंक या NBFC से लोन लेता है और किसी कारणवश पूरी राशि चुकाने में असमर्थ होता है, तो बैंक उसे एक समझौता करने का मौका देता है, जिसे Loan Settlement कहा जाता है।
हालांकि, Loan Settlement और Loan Closure में बहुत बड़ा अंतर होता है। अगर आप अपने लोन की पूरी राशि चुकाकर उसे बंद करते हैं, तो यह आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में "Closed" के रूप में दर्ज होता है, जिससे आपका CIBIL Score बेहतर होता है। लेकिन अगर आपने लोन की कुछ राशि बैंक के साथ समझौते के तहत माफ करवा ली है, तो इसे "Settled" के रूप में रिपोर्ट किया जाता है, जो आपके क्रेडिट स्कोर को नुकसान पहुंचा सकता है।
जब बैंक या NBFC CIBIL को रिपोर्ट करता है कि आपका लोन "Settled" है, तो आपका स्कोर तुरंत गिर जाता है। गिरावट कितनी होगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपका पहले का स्कोर कितना अच्छा था।
बैंक और फाइनेंशियल संस्थान ऐसे ग्राहकों को "हाई-रिस्क" कैटेगरी में रखते हैं, जिन्होंने अपना लोन सेटल किया है। इसका मतलब यह है कि भविष्य में अगर आप किसी भी प्रकार का लोन (पर्सनल, होम, कार, एजुकेशन) लेने की कोशिश करेंगे, तो आपका आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है।
अगर आपने लोन सेटल किया है, तो भविष्य में किसी भी बैंक से क्रेडिट कार्ड प्राप्त करना मुश्किल हो सकता है। बैंक आपकी क्रेडिट हिस्ट्री को देखते हैं और यदि उन्हें "Settled" स्टेटस दिखता है, तो वे आपको क्रेडिट कार्ड देने से इनकार कर सकते हैं।
अगर किसी बैंक ने आपको लोन देने का फैसला किया भी, तो आपको बहुत ज्यादा ब्याज दर (High Interest Rate) पर लोन मिल सकता है। यह इसलिए क्योंकि बैंक आपको जोखिम भरा ग्राहक मानते हैं और अपने पैसे की सुरक्षा के लिए ज्यादा ब्याज दर लगाते हैं।
Loan Settlement की जानकारी आपकी CIBIL रिपोर्ट में कम से कम 7 साल तक बनी रहती है। इसका मतलब है कि भले ही आप बाद में अपना वित्तीय व्यवहार सुधार लें, लेकिन आपका सेटलमेंट रिकॉर्ड बैंकों को दिखता रहेगा और आपकी क्रेडिट योग्यता को प्रभावित कर सकता है।
अगर आपने लोन सेटल कर लिया है और अब CIBIL Score सुधारना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए कदम उठा सकते हैं:
समय पर सभी लोन और क्रेडिट कार्ड के बिल का पूरा भुगतान करें।
अगर संभव हो तो बैंक से संपर्क करके "Settled" स्टेटस को "Closed" में बदलवाने" की कोशिश करें।
क्रेडिट कार्ड का सीमित इस्तेमाल करें और समय पर पूरा भुगतान करें।
कोई छोटा लोन लें और उसे नियमित रूप से चुकाएं ताकि नया अच्छा क्रेडिट इतिहास बन सके।
CIBIL रिपोर्ट को नियमित रूप से चेक करें और किसी भी गलती को सुधारने के लिए CIBIL को अनुरोध दें।
आज भी कई ऐसे विकल्प हैं जिनसे आप फटाफट लोन पा सकते हैं — बस आपको सही तरीका अपनाना होगा।
आज के डिजिटल जमाने में कई NBFCs (Non-Banking Financial Companies) और फिनटेक ऐप्स हैं जो कम CIBIL Score वालों को भी लोन देते हैं। ये संस्थाएं मुख्य रूप से दस्तावेज़ों, मासिक आय और रिपेमेंट कैपेसिटी के आधार पर लोन अप्रूव करती हैं।
कुछ पॉपुलर फिनटेक लेंडर्स:
PaySense
MoneyTap
CASHe
EarlySalary
Navi App
Faircent
अगर आपके पास कोई संपत्ति है जैसे:
गोल्ड (सोना)
FD (फिक्स्ड डिपॉजिट)
Insurance policy
Property या जमीन
तो आप इनको गिरवी रखकर सिक्योर्ड लोन ले सकते हैं। इसमें CIBIL Score ज्यादा मायने नहीं रखता क्योंकि बैंक के पास आपकी गारंटी होती है।
कुछ बैंकों के सिक्योर्ड लोन विकल्प:
Muthoot Finance – गोल्ड लोन
Manappuram Finance – गोल्ड लोन और बिज़नेस लोन
ICICI Bank – FD के खिलाफ लोन
HDFC Bank – इंश्योरेंस और म्यूचुअल फंड्स के खिलाफ लोन
अगर आपके पास खराब CIBIL Score है तो आप किसी ऐसे व्यक्ति को Co-Applicant बना सकते हैं जिसका स्कोर अच्छा है। जैसे:
पति/पत्नी
भाई/बहन
माता-पिता
अच्छे स्कोर वाला Co-applicant लोन अप्रूवल में मदद कर सकता है।
P2P Lending एक नया तरीका है जिसमें आम लोग एक-दूसरे को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए लोन देते हैं। यहां CIBIL Score का बहुत ज्यादा महत्व नहीं होता हैं।
टॉप P2P लेंडिंग प्लेटफॉर्म:
Faircent
Lendbox
RupeeCircle
अगर आपने पहले लोन का भुगतान नहीं किया है, तो सबसे पहले उस बैंक से Settlement या Repayment Plan की बात करें। जैसे ही आप बकाया चुका देंगे, कुछ समय बाद स्कोर सुधरेगा और आप आसानी से लोन के लिए योग्य हो सकते हैं।
आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं:
1. सबसे पहले हमरी यानी Ahk Tips की वेबसाइट या प्लेटफॉर्म को अच्छे से पढ़ें
सबसे पहले आपको हमारी Ahk Tips की वेबसाइट, ब्लॉग या यूट्यूब चैनल को ध्यान से देखना चाहिए। हमारे द्वारा दी गई जानकारी कितनी भरोसेमंद और उपयोगी है, यह जानने की कोशिश करें।
2. यूज़र्स के रिव्यू और फीडबैक पढ़ें
आजकल हर अच्छी सर्विस का कोई-न-कोई रिव्यू जरूर होता है। आप गूगल, फेसबुक या यूट्यूब पर जाकर Ahk Tips के बारे में अन्य लोगों का अनुभव देख सकते हैं। अगर ज्यादातर लोग संतुष्ट हैं और उन्होंने सकारात्मक अनुभव शेयर किए हैं, तो आप भी उस सेवा को चुन सकते हैं।
3. आपकी ज़रूरत से मेल खाती हो तो ही चुनें
हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति अलग होती है। इसलिए यह ज़रूरी है कि आप देखें कि क्या Ahk Tips आपके कर्ज की समस्या, EMI बोझ, क्रेडिट कार्ड ड्यू या फाइनेंशियल प्लानिंग से जुड़ी जरूरतों को पूरा करता है या नहीं। अगर उनके सुझाव आपकी स्थिति से मेल खाते हैं, तो यह सेवा आपके लिए सही हो सकती है।
4. हमारे सुझावों को आजमाकर देखें
Ahk Tips पर दी गई कुछ टिप्स और योजनाएं आप बिना किसी शुल्क के फॉलो कर सकते हैं। आप पहले उनके फ्री कंटेंट को आजमाकर देखें कि क्या वह वास्तव में आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाता है या नहीं। अगर हां, तो आगे बढ़कर अन्य सेवाओं का फायदा उठाया जा सकता है।
5. कस्टमर सपोर्ट और रिस्पॉन्स चेक करें
अगर Ahk Tips कोई पेड सर्विस या कस्टम गाइडेंस देता है, तो एक बार हमें संपर्क करके पूछें कि हम कैसे मदद करते हैं। अगर हम समय पर जवाब देते हैं और आपकी परेशानी को समझते हुए समाधान देते हैं, तो यह दर्शाता है कि हम एक भरोसेमंद सेवा प्रदान कर रहे हैं।
सेटलमेंट की प्रक्रिया का समय अलग - अलग कारकों पर भी निर्भर करता है, जैसे आपके बैंक या लोन देने वाली संस्था की पॉलिसी, बकाया राशि, और आप दोनों के बीच बातचीत। आमतौर पर यह प्रक्रिया 1 से 3 महीने तक का समय ले सकती है।
सेटलमेंट की प्रक्रिया में सबसे पहला कदम बैंक से बातचीत करना होता है, जहां आप अपनी मुश्किलों और भुगतान की स्थिति के बारें में बैंक को समझाते हैं। इसके बाद, बैंक आपकी स्थिति के आधार पर एक सेटलमेंट का ऑफर देता है। अगर आप उस ऑफर को स्वीकार करते हैं, तो बैंक को तय समय सीमा के भीतर भुगतान करना होता है। फिर बैंक लोन को सेटल के रूप में रिपोर्ट करता है, जो कुछ समय ले सकता है।
इस पूरी प्रक्रिया में जितना ज्यादा समय लगेगा, उतना ही आपके CIBIL Score पर प्रभाव डाल सकता है, इसलिए जल्दी से जल्दी समाधान तलाशना बेहतर रहता है।
अगर आपने किसी बैंक से पर्सनल लोन लिया है और किसी कारणवश उसे पूरी तरह चुकाने में असमर्थ होते हैं, तो Loan Settlement आपके लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। Loan Settlement का मतलब होता है कि बैंक और उधारकर्ता (लोन लेने वाला व्यक्ति) के बीच एक समझौता होता है, जिसमें बैंक ब्याज या पेनल्टी को कम करके एक निश्चित राशि पर लोन निपटाने के लिए सहमत हो जाता है। जब Loan Settlement पूरा हो जाता है, तो बैंक एक Loan Settlement Letter जारी करता है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि लोनदाता और बैंक के बीच समझौता हुआ है और अब उधारकर्ता पर कोई बकाया नहीं है।
यहां हम आपको बताएंगे कि Ahk Tips के माध्यम से Loan Settlement कैसे करवाया जा सकता है, वह भी एकदम आसान भाषा में और स्टेप-बाय-स्टेप तरीके से।
सबसे पहले, Ahk Tips आपको यह सलाह देता है कि आप अपने कर्ज की स्थिति की पूरी जानकारी लें:
आपने कितना लोन लिया था?
अब तक कितना चुका चुके हैं?
बकाया कितना है?
ब्याज दर कितनी है?
EMI कितनी है और कितनी देर से पेंडिंग है?
इसके बाद, Ahk Tips पर मौजूद Loan Settlement से जुड़ी गाइड या लेखों को पढ़ें। वहां बताया गया होता है:
Loan Settlement करने का सही समय क्या होता है?
बैंक या फाइनेंशियल संस्था से कैसे संपर्क करें?
बातचीत करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
किन डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होगी?
Ahk Tips आपको बातचीत की रणनीति सिखाता है:
आप बैंक को बताएं कि आपकी वित्तीय स्थिति अभी लोन चुकाने के लायक नहीं है।
आप एकमुश्त राशि (settlement amount) देने की पेशकश कर सकते हैं, जो कि कुल बकाया से कम हो।
आप "Settlement Letter" की मांग करें ताकि भविष्य में कोई परेशानी न हो।
Ahk Tips आपको सिखाता है कि:
कभी भी बिना लिखित सहमति के पैसे न दें।
Settlement offer को ईमेल या लेटर के रूप में अपने पास रखें।
बातचीत के दौरान शांत और विनम्र रहें।
अगर आप भी कर्ज के जाल में फंस गए हैं और आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और Loan Settlement का रास्ता अपनाना चाहते है तो आप हमारी Loan Settlement की सेवा के लिए आवेदन कर सकते हैं। हम आपके लोन का सेटलमेंट करने में आपकी सहयता कर्नेगे। इसके साथ ही हम आपको 6 - 8 महीने के अंदर लोन के बोझ से राहत प्रदान करवाते हैं। अगर आपको हमारी सेवा के बारे में और ज्यादा जानकारी प्राप्त करनी हैं तो आप हमें सपर्क कर सकते हैं।
आइए आसान भाषा में इनके बीच का फर्क समझते हैं:
1. परिभाषा (Definition)
Loan Settlement (Loan Settlement): यह एक बैंक और कर्जदार के बीच आपसी समझौता होता है। इसमें बैंक यह मान लेता है कि कर्जदार पूरा लोन नहीं चुका सकता है, इसलिए वह तय रकम लेकर बाकी राशि माफ कर देता है।
Bankruptcy (दिवालियापन): यह एक कानूनी प्रक्रिया होती है। जब कोई व्यक्ति या संस्था अपनी कुल देनदारियों को चुकाने में असमर्थ होता है, तो वह अदालत में दिवालियापन की अर्जी लगाता है और अदालत तय करती है कि उसकी संपत्ति कैसे बाँटी जाएगी।
2. प्रक्रिया (Process)
Loan Settlement: यह एक गैर-कानूनी प्रक्रिया होती है, जो सीधे बैंक और ग्राहक के बीच होती है। इसमें कोई अदालत शामिल नहीं होती हैं।
Bankruptcy: यह न्यायिक प्रक्रिया होती है, जिसमें कोर्ट और इनसॉल्वेंसी प्रोफेशनल शामिल होते हैं।
3. कर्ज से छुटकारा (Debt Relief)
Loan Settlement: कुछ हिस्सा चुकाने के बाद बाकी लोन माफ हो सकता है, लेकिन CIBIL रिपोर्ट में “Settled” का टैग लगता है।
Bankruptcy: कोर्ट फैसला करता है कि कौन-सा कर्ज माफ होगा और कौन नहीं। इससे पूरी तरह कर्ज से छुटकारा मिल सकता है, पर संपत्ति जब्त हो सकती है।
4. CIBIL Score पर असर
Loan Settlement: CIBIL Score पर गंभीर नकारात्मक असर पड़ता है। “Settled” का टैग भविष्य में लोन मिलने में बाधा बन सकता है।
Bankruptcy: CIBIL Score पूरी तरह गिर जाता है और इसका लम्बा प्रभाव होता है।
5. लागत और समय (Cost & Time)
Loan Settlement: यह प्रक्रिया जल्दी पूरी हो जाती है और कानूनी खर्च नहीं होता हैं।
Bankruptcy: यह एक लंबी और खर्चीली प्रक्रिया हो सकती है, जिसमें वकीलों और प्रोफेशनल्स की जरूरत होती है।
इसके निम्नलिखित फायदे और नुकसान होते हैं:
फायदे
हालांकि Loan Settlement करने से कर्जदार का CIBIL Score प्रभावित हो सकता है, लेकिन समय पर और सही तरीके से समझौते का पालन करने से वह अपने CIBIL Score को धीरे-धीरे सुधार सकता है।
Loan Settlement करने से कर्जदार की वित्तीय स्थिति में सुधार होता है।
Loan Settlement के माध्यम से, कर्जदार को अपने कर्ज का कुछ हिस्सा माफ करवाने का मौका मिलता है।
यह उसकी वित्तीय स्थिति को सुधारने में मदद करता है और उसे भारी वित्तीय बोझ से राहत दिलवाता है।
Loan Settlement करने से आप अपनी आय और लागत को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकते हैं और भविष्य में वित्तीय संकट से बच सकते हैं।
कर्ज का भारी बोझ अक्सर मानसिक तनाव का कारण बनता है। Loan Settlement से कर्जदार को इस तनाव से राहत मिलती है और वह अपने जीवन में मानसिक शांति पा सकता है।
नुक्सान
Loan Settlement के माध्यम से, कर्जदार का पूरा लोन माफ नहीं होता है। उसे अभी भी कुछ राशि का भुगतान करना होता है, जो उसकी वित्तीय स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
Loan Settlement के दौरान, बैंक और कर्जदार के बीच जो समझौता होता है, उसमें कई शर्तें होती हैं। कर्जदार को इन शर्तों का पालन करना जरूरी होता है, जिससे उसकी स्वतंत्रता सीमित हो सकती है।
Loan Settlement के कारण, कर्जदार के बैंक और अन्य वित्तीय संस्थानों के साथ संबंध खराब हो सकते हैं।
भविष्य में, कर्जदार को इन संस्थानों से कर्ज प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है।
Loan Settlement के बाद, कर्जदार का CIBIL Score प्रभावित हो सकता है।
Loan Settlement भविष्य में नए कर्ज लेने या क्रेडिट कार्ड प्राप्त करने में कठिनाइयाँ पैदा कर सकता है।
नीचे हम विस्तार से जानेंगे कि यह कैसे किया जा सकता है।
1. सबसे पहले बैंक से संपर्क करें
जब लोन को NPA घोषित कर दिया जाता है, तो borrower को सबसे पहले अपने बैंक या फाइनेंशियल संस्था से सीधा संपर्क करना चाहिए।
डरने की जगह बातचीत करें।
बैंक को अपनी आर्थिक स्थिति के बारें में बताएं।
बताएं कि आप लोन चुकाना चाहते हैं लेकिन मौजूदा हालात में पूरा भुगतान नहीं कर सकते हैं।
2. OTS (One-Time Settlement) का प्रस्ताव मांगे
बैंक अकसर NPA खातों के लिए OTS स्कीम लाते हैं, जिसमें
कुछ राशि माफ कर दी जाती है,
बाकी रकम एकमुश्त या किश्तों में चुकानी होती है।
3. सेटलमेंट की डील को लिखित में लें (Settlement Letter/NOC)
अगर बैंक आपके सेटलमेंट प्रस्ताव को स्वीकार कर लेता है, तो
उनसे लिखित समझौता पत्र (Settlement Letter) लें।
भुगतान पूरा करने के बाद NOC (No Objection Certificate) लेना बिल्कुल न भूलें।
यह भविष्य में आपके लिए सबूत का काम करेगा।
4. CIBIL Score पर असर को समझें
NPA लोन का सेटलमेंट आपके CIBIL Score पर असर डालता है।
आपका स्कोर कुछ समय के लिए गिर सकता है।
लेकिन समय पर अन्य बिल/क्रेडिट कार्ड/EMI चुकाने से आप स्कोर को फिर से सुधार सकते हैं।
5. भविष्य में पुनः डिफॉल्ट से बचें
फाइनेंशियल प्लानिंग करें
ज़रूरत के हिसाब से ही लोन लें
समय पर किश्त चुकाएं
बजट बनाकर खर्च करें
CIBIL डिफॉल्टर होना निश्चित रूप से एक गंभीर स्थिति होती है, लेकिन यह आपकी फाइनेंशियल लाइफ का अंत नहीं होता है। सही जानकारी, रणनीति और धैर्य के साथ आप दोबारा एक मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल बना सकते हैं। जरूरी यह है कि आप सबसे पहले अपनी CIBIL रिपोर्ट को ध्यान से पढ़ें, समझें कि स्कोर कम क्यों हुआ है और किन कारणों से डिफॉल्ट दर्ज हुआ है।
आज कई बैंक और NBFC कंपनियां ऐसे लोन प्रोडक्ट्स लेकर आ रही हैं जो CIBIL स्कोर कम होने के बावजूद भी दिए जा सकते हैं, बशर्ते आप उनके कुछ शर्तों को पूरा करें जैसे कि गारंटर देना, संपत्ति के बदले लोन लेना या समय पर रिपेमेंट का वादा करना। साथ ही, EMI समय पर चुकाना, कम क्रेडिट यूटिलाइजेशन रखना, और पुराने डिफॉल्ट का सेटलमेंट करना आपकी रिपोर्ट को साफ करने में मदद कर सकता है।
CIBIL स्कोर सुधारना एक रात में नहीं होता हैं, इसके लिए लगातार प्रयास और अनुशासन की जरूरत होती है। लेकिन अगर आप फाइनेंशियल डिसिप्लिन बनाए रखते हैं और सभी लोन या क्रेडिट कार्ड का सही तरह से प्रबंधन करते हैं, तो आप जल्द ही एक भरोसेमंद बोर्रोवर बन सकते हैं।
Que: Ahk Tips क्या है?
Ans: Ahk Tips एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो कर्ज से मुक्ति, Loan Settlement, फाइनेंशियल प्लानिंग और क्रेडिट स्कोर सुधार से जुड़ी जानकारी और मार्गदर्शन देता है।
Que: क्या Ahk Tips कोई बैंक या फाइनेंशियल कंपनी है?
Ans: नहीं, Ahk Tips कोई बैंक या लोन कंपनी नहीं है। यह सिर्फ एक गाइडेंस और एजुकेशनल प्लेटफॉर्म है जो आपको सही वित्तीय निर्णय लेने और कर्ज से मुक्त करने में मदद करता है।
Que: क्या Ahk Tips के जरिए Loan Settlement करवाया जा सकता है?
Ans: हाँ, Ahk Tips के माध्यम से Loan Settlement करवाया जा सकता हैं, Ahk Tips आपको Ahk Tips आपको Loan Settlement की पूरी प्रक्रिया समझाता है और बैंक से बातचीत करने की रणनीति बताता है ताकि आप खुद से भी Loan Settlement कर सकें।
Que: Loan Settlement करने से CIBIL Score पर असर पड़ता है क्या?
Ans: हां, Loan Settlement करने से आपके CIBIL Score पर असर पड़ सकता है क्योंकि बैंक इसे "Settled" स्टेटस में रिपोर्ट करता है, जो भविष्य में लोन लेने में परेशानी पैदा कर सकता है।
Que: क्या Ahk Tips का इस्तेमाल करना फ्री है?
Ans: ज्यादातर जानकारी Ahk Tips पर मुफ्त में उपलब्ध होती है, जैसे ब्लॉग पोस्ट, गाइड्स और यूट्यूब वीडियोज़। लेकिन कुछ विशेष सेवाएं पेड होती हैं। जैसे Loan Settlement, क्रेडिट कार्ड सेटलमेंट, बिज़नेस Loan Settlement आदि की सेवाएं।